Kathmandu: नेपाल की धरती एक बार फिर भूकंप के तेज झटकों से हिल उठी. देश में बुधवार तड़के फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप आते ही लोगों में अफरा-तफरी मच गई. लोग घरों से बाहर खुले में निकल आए. राष्ट्रीय भूकंप निगरानी एवं अनुसंधान केंद्र (NEMRC) के अनुसार, सुबह 4:40 बजे (स्थानीय समय) पश्चिमी नेपाल में 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. भूकंप का केंद्र सुदूरपश्चिम प्रांत के बाजहांग जिले के कोटदेवाल क्षेत्र के आसपास था, जो राजधानी काठमांडू से लगभग 900 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है.
जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं
भूकंप के झटके बाजुरा और दार्चुला जिलों में भी महसूस किए गए. हालांकि, अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है. पिछले सप्ताह भी पश्चिमी नेपाल के लुंबिनी प्रांत के रुकुम पूर्व जिले में 5.0 तीव्रता का भूकंप आया था. लगातार आ रहे भूकंपों ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है. इससे पहले पिछले महीने 25 जून को पश्चिमी नेपाल के जुमला में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए थे.
कालिकोट और मुगु में भी भूकंप के झटके
कर्णाली प्रांत में पड़ोसी जिलों कालिकोट और मुगु में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए. नेपाल भूकंप अनुसंधान और निगरानी केंद्र (एनईआरएमसी) के मुताबिक सुबह पांच बजकर 36 मिनट पर 4.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिसका केंद्र काठमांडू से लगभग 700 किलोमीटर पश्चिम में जुमला जिले के तामती में था. हालांकि, भूकंप के झटकों से किसी नुकसान नहीं हुआ. इससे पहले 21 जून को, पश्चिमी प्रांत के हुमला जिले के श्रीनगर में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया था.
भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटें लगातार टकराती हैं
नेपाल हिमालयी क्षेत्र में स्थित है, जहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटें लगातार टकराती रहती हैं. इसी वजह से यह देश दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों (सीस्मिक ज़ोन-4 और ज़ोन-5) में शामिल है. यही कारण है कि यहां अक्सर छोटे और बड़े भूकंप आते रहते हैं. फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है.
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