Nepal Flash Flood Update: तिब्बत के ग्लेशियर टूटने से उठा महाजलप्रलय चीन और नेपाल में तबाही मचाने के बाद अब भारत की ओर बढ़ रहा है. दरअसल, पहले ही ये आशंका जताई जा रही थी कि अगर भोटेकोशी नदी का पानी भारत में आकर गंडक और कोसी नदियों से मिला तो बिहार में तबाही आ जाएगी. अब इसे लेकर भारत अलर्ट हो गया है और सुरक्षा के लिहाज से बैराज के गेट खोल दिए गए हैं.
भारत की ओर बढ़ा नेपाल का पानी
नेपाल में आई भीषण बाढ़ और ऊपरी इलाकों में भारी बारिश के वजह से बिहार में गंडक और कोसी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा. रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ते पानी को देखते हुए पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सारण और गोपालगंज जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है. साथ ही प्रशासन इन उफनती नदियों पर लगातार कड़ी नजर बनाए हुए है.
नारायणी-गंडक नदी में मिले चार अज्ञात शव
वहीं, उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में नारायणी-गंडक नदी से चार अज्ञात शव बरामद किए गए, जिन्हें सोमवार को नेपाल प्रशासन को सौंप दिया गया. इनमें तीन महिलाओं और एक पुरुष के शव शामिल हैं. इन शवों को 27 अगस्त को नदी से निकालकर पोस्टमार्टम के बाद जिला अस्पताल के शवगृह में रखा गया था. पहचान सुनिश्चित करने के लिए सभी शवों के डीएनए सैंपल सुरक्षित रख लिए गए हैं. सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद ठूठीबारी के पास महेशापुर बॉर्डर पर नेपाल पुलिस और नवलपरासी प्रशासन को शव सौंपे गए.
बता दें कि अधिकारियों के मुताबिक, नेपाल की बाढ़ में अब तक 908 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि अब भी 3000 से अधिक लोग लापता हैं.
नेपाल बाढ़ में बचाए गए 149 भारतीय
इसी बीच भारत के विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में आई भयानक बाढ़ के बाद अब तक कुल 149 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है. विदेश मंत्रालय ने रविवार साढ़े 5 बजे तक बचाए गए सभी 149 भारतीय नागरिकों की लिस्ट सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट की. इस बीच भारत से लगातार राहत सामग्री नेपाल भेजी जा रही है. इस दौरान कई दिल दहला देने वाली घटनाएं भी सामने आई हैं. तबाह गांवों में लोग लौटकर अपने घरों और परिवारों को याद कर रहे हैं. एक स्कूल के छात्र सिर्फ दोपहर का खाना खाने के लिए कक्षा से बाहर गए थे, जिससे वे बड़े हादसे की चपेट में आने से बच गए.
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में फंसे 933 कर्मचारियों की तलाश जारी
वहीं, बाढ़ प्रभावित इलाकों के विभिन्न हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स से 26 अगस्त से संपर्क से बाहर हुए 933 कर्मचारियों और श्रमिकों की तलाश अब भी जारी है. नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDRRMA) के मुताबिक, इनमें से 600 से अधिक लोग सुरंगों में फंसे हुए हैं. बचाव कार्य में भारत और चीन के विशेषज्ञ दल भी मदद कर रहे हैं. अब तक सुरंगों से कुल 279 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिसमें अपर त्रिशूल-1 से 254 और लांगटांग खोला से 18 लोग शामिल हैं.

