अमेरिका में 8 साल बाद भारतीय महिला, बेटे की हत्या का खुलासा, पति के सहकर्मी ने ही दिया वारदात को अंजाम

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Washington: अमेरिका में पति के सहकर्मी नजीर हमीद ने ही भारतीय महिला शशिकला नर्रा और उनके बेटे अनीश की बेरहमी से हत्या की थी. अमेरिकी अधिकारियों ने वारदात के 9 साल बाद इसका खुलासा किया है. नजीर हमीद भी भारत का ही रहने वाला है, जो अमेरिका में नौकरी करता था. बता दें कि आंध्र प्रदेश की महिला शशिकला नर्रा और उनके बेटे अनीश के न्यू जर्सी स्थित अपने अपार्टमेंट में मृत पाए गए थे.

पीड़ितों के घर से थोड़ी दूरी पर रहता था हमीद

अभियोजकों ने बताया कि नजीर हमीद न्यू जर्सी स्थित एक कंपनी में शशिकला नर्रा के पति का सहकर्मी था और पीड़ितों के घर से थोड़ी दूरी पर रहता था. हत्या के बाद हमीद भारत भाग गया. कंपनी की ओर से जारी लैपटॉप से लिए गए डीएनए सैंपल का क्राइम सीन से लिए गए ब्लड सैंपल से मिलान होने के बाद वह इस मामले में आरोपी पाया गया है.

संदिग्ध के खिलाफ हत्या के आरोप दर्ज

अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार सैंपल मैच होने के बाद अधिकारियों ने एक संदिग्ध के खिलाफ हत्या और संबंधित अपराधों के आरोप दर्ज किए हैं और उसके अमेरिका प्रत्यर्पण की मांग कर रहे हैं. बर्लिंगटन काउंटी अभियोजक कार्यालय के जांच प्रमुख पैट्रिक थॉर्नटन ने मीडिया को बताया कि घटना के समय हमीद वीजा पर अमेरिका में काम कर रहा था. वह भारत लौट आया और तब से यहीं है.

पत्नी और 6 वर्षीय बेटे को अपने अपार्टमेंट में मृत पाया

23 मार्च 2017 को जब हनु नर्रा मेपल शेड स्थित फॉक्स मीडो अपार्टमेंट्स में अपने घर लौटे तो उन्होंने अपनी 38 वर्षीय पत्नी शशिकला नर्रा और 6 वर्षीय बेटे अनीश को अपने अपार्टमेंट में मृत पाया. उन्हें कई बार चाकू मारा गया था. बाद में पुलिस ने कहा कि उनके बचाव के घावों से पता चलता है कि उन्होंने दोनों ने जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश की थी.

पहले हनु नर्रा का पीछा करने का था आरोप

जांचकर्ताओं ने अपराध स्थल से खून के कई नमूने इकट्ठा किए. पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पाया गया कि इकट्ठा की गई खून की बूंद न तो पीड़ित की थी और न ही हनु नर्रा की थी. नजीर हमीद इस मामले में तब चर्चा का विषय बन गए जब पुलिस को पता चला कि उन पर पहले हनु नर्रा का पीछा करने का आरोप था. उसके साथ वह कॉग्निजेंट टेक्नोलॉजीज में काम करते थे. हमीद नर्रा परिवार से थोड़ी दूरी पर ही रहते थे.

भारत आने के बाद भी कॉग्निजेंट का कर्मचारी बना रहा संदिग्ध

हालांकि संदिग्ध भारत वापस आने के बाद भी कॉग्निजेंट का कर्मचारी बना रहा. अधिकारियों का मानना है कि हामिद ने अपनी तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल अपने आपराधिक इतिहास को छिपाने और अपने पीछे पड़े लोगों को छुपाने के लिए किया. इस मामले की जांच कर रहे जांचकर्ताओं ने भारत में अधिकारियों से संपर्क किया और हमीद से डीएनए नमूना देने का अनुरोध किया. हालांकि उन्होंने इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया.

2024 में मिला था एक अदालती आदेश

डीएनए सैंपल हासिल करने के लिए अधिकारियों ने 2024 में एक अदालती आदेश मिला था. इसमें कॉग्निजेंट से हमीद का कंपनी की ओर से दिए गए लैपटॉप भेजने का अनुरोध किया गया. पुलिस ने बताया कि आखिरकार लैपटॉप से एक डीएनए मिला. इसका डीएनए क्राइम सीन से मिली अज्ञात खून की बूंद से मेल खाता था. इससे हमीद का अपराध से संबंध स्थापित हो गया. जांचकर्ता अभी भी इस क्रूर हत्या के पीछे हमीद के कथित मकसद के बारे में अनिश्चित हैं. लेकिन पुलिस ने कहा कि परिस्थितियों के आधार पर वह हनु नर्रा से व्यक्तिगत दुश्मनी रखता था.

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