Pakistan Bans Indian Aircrafts: भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव का असर अब भी दोनों देशों की हवाई आवाजाही पर बना हुआ है. पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के अपने हवाई क्षेत्र में प्रवेश पर लगी रोक की अवधि एक बार फिर बढ़ा दी है. पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी की ओर से जारी नए नोटम के अनुसार, भारतीय विमान अब 24 सितंबर 2026 तक पाकिस्तान के एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. यह रोक केवल भारतीय वायुसेना के विमानों तक सीमित नहीं है. भारत से संचालित होने वाली व्यावसायिक उड़ानें भी इसके दायरे में हैं.
किन विमानों पर लागू है पाबंदी?
पाकिस्तान के नए आदेश के मुताबिक भारत में रजिस्टर्ड सभी विमानों को इस प्रतिबंध का सामना करना होगा. भारतीय विमान कंपनियों द्वारा संचालित या लीज पर लिए गए विमान भी पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से होकर उड़ान नहीं भर सकेंगे. इसके अलावा भारतीय नागरिकों के स्वामित्व या संचालन वाले विमान और भारतीय वायुसेना के विमान भी प्रतिबंध के तहत शामिल हैं. पाकिस्तान के कराची और लाहौर फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन में यह पाबंदी लागू रहेगी.
24 सितंबर तक जारी रहेगा प्रतिबंध
भारतीय विमानों पर लगी मौजूदा रोक 23 अगस्त को समाप्त होने वाली थी. हालांकि, पाकिस्तान ने इसे आगे बढ़ाने का फैसला किया है. नए आदेश के तहत अब यह प्रतिबंध 24 सितंबर 2026 की सुबह 4:59 बजे तक प्रभावी रहेगा.
लंबा होगा अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का रास्ता
पाकिस्तान के एयरस्पेस के बंद रहने का असर भारत से पश्चिम एशिया, यूरोप और अमेरिका जाने वाली अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ता है. इन रूट्स पर उड़ान भरने वाली भारतीय विमान कंपनियों को पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र से बचने के लिए वैकल्पिक और लंबे रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ता है. रूट बढ़ने के साथ उड़ान का समय भी बढ़ जाता है. इसके अलावा ज्यादा दूरी तय करने से ईंधन की खपत और विमान कंपनियों का खर्च भी बढ़ता है.
अप्रैल 2025 से जारी है एयरस्पेस बैन
भारत और पाकिस्तान के बीच एक-दूसरे के विमानों के लिए एयरस्पेस प्रतिबंध अप्रैल 2025 में बढ़े तनाव के बाद शुरू हुआ था. इसके बाद पाकिस्तान कई बार इस रोक की अवधि बढ़ा चुका है. ताजा फैसले के बाद भारतीय विमानों के लिए यह पाबंदी कम से कम एक और महीने तक जारी रहेगी. भारत की ओर से भी पाकिस्तानी रजिस्ट्रेशन वाले विमानों, विमान कंपनियों और सैन्य विमानों के लिए इसी तरह की रोक लागू है. ऐसे में दोनों देशों के विमानों को एक-दूसरे के एयरस्पेस का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है.

