Pakistan government: पाकिस्तान अपनी कमजोर होती नीतियों के चलते एक बार फिर टुकड़े-टुकड़े होने के लिए तैयार है. इस बार पाकिस्तान को तोड़ने वाला कोई और नहीं बल्कि पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर हैं. दरअसल, दशकों पहले से चली आ रही तोड़ो और शासन चलाने की रणनीति अब पाकिस्तान में भी हावी हो रही है. ताकतवर नेता हमेशा इस मुहावरे को सार्थक बनाते हुए दिखाई देते हैं और कुछ ऐसा ही पाकिस्तान में भी होने जा रहा है.
मुनीर की पाकिस्तान को बाटंने की तैयारी
दरअसल, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर पाकिस्तान के चार प्रांतों को खत्म करना चाहते हैं. बता दें कि ये सभी प्रांत पाकिस्तान के पैदा होने से पहले से ही हैं. इन्हीं चार प्रांतों को तोड़कर 12 या 15 प्रांतों में बांटा जा सकता है या फिर 160 छोटी इकाइयों में भी बांटा जा सकता है. ऐसा करने से असीम मुनीर की ताकत में इजाफा हो सकता है क्योंकि इलाके छोटे होंगे तो चुनें हुए नेता, जिला असेम्बलियां या फिर सरकार के चुनें हुए लोगों को मुनीर आसानी से अपना फरमान मानने के लिए मजबूर कर सकते हैं. हालांकि अभी इसके लिए कोई ठोस प्लान सामने नहीं आया लेकिन इस प्लान से फायदा किसे होगा यह तो अभी से स्पष्ट हो चुका है.
पहले ही सड़कों पर है बलूचिस्तान की जनता
मौजूदा समय में पंजाब प्रांत में सबसे ज्यादा आबादी रहती है, जो देश की कुल जनसंख्या के करीब आधे से अधिक है. यहां 12.8 करोड़ लोग रहते हैं. वहीं, सबसे कम आबादी वाला बलूचिस्तान है, जहां 1.5 करोड़ लोग रहते हैं. ये लगभग कुल आबादी का 6 फीसदी है, जो बुनियादी सुविधाओं से बहुत दूर हैं और यहां से आए दिन प्रदर्शन की खबरें आती हैं. यहां लोगों का जीवन नर्क जैसा है. ना पढ़ाई ना दवाई ना कमाई हर चीज के लिए पाकिस्तान से वहां की जनता लड़ाई लड़ रही है.
प्रांत बड़े हैं, विकास नहीं हो रहा
ऐसे में मुनीर का कहना है पाकिस्तान के प्रांत बहुत बड़े हैं. इतनी बड़ी आबादी पर शासन चलाना उनके लिए प्रशासनिक चुनौती बना हुआ है. लोगों को अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए घंटों का सफर करना पड़ता है. पंजाब के 25% से कम लोगों को साफ पीने का पानी बड़ी मुश्किल से मिल पाता है. प्रांत इतने बड़े हैं कि वहां सरकार भी नहीं पहुंच पाती है और इन्हें चलाना नामुमकिन हो रहा है. लेकिन सवाल ये है कि 70 साल से ज्यादा हो गए तो ऐसे हालात के लिए जिम्मेदार कौन है? जिन समस्याओं को आज असीम मुनीर वजह बता रहे हैं उनकी वजह भी तो पाकिस्तान की सेना ही है. आख़िरकार पाकिस्तान के इन इलाकों में सुविधाएं क्यों नहीं हैं? क्योंकि इन समस्याओं को पैदा करने वाली भी पाकिस्तान की आर्मी है. देश की बेशकीमती जमीन, कारोबार और लगभग सभी सरकारी संस्थाओं में सेना का कब्जा है.

