उखाड़ फेंकेंगे गवर्नर शासन…पीटीआई ने सरकार को दी चेतावनी

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Pakistan: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (KP) में गवर्नर शासन लागू करने की केंद्र में बढ़ती मांग के बीच, पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने संघीय सरकार को इस कदम को आगे बढ़ाने की चुनौती दी है, साथ ही ये चेतावनी भी दी है कि गवर्नर शासन लागू करने से प्रांत में हालात और बिगड़ जाएंगे.

पीटीआई नेता और पेशे से वकील नईम हैदर पंजुथा ने कहा कि “आप पहले ही लोगों का जनादेश चुरा चुके हैं, उनसे उनका बहुमत और आरक्षित सीटें छीन चुके हैं, हजारों राजनीतिक रूप से प्रेरित मामले दर्ज कर चुके हैं, इमरान खान समेत हजारों लोगों को जेल में डाल चुके हैं, घरों पर छापे मार चुके हैं, चादर और चारदीवारी की पवित्रता का उल्लंघन कर चुके हैं, और बुशरा बीबी तथा इमरान खान की बहनों समेत महिलाओं को जेल में डाल चुके हैं.” ऐसे में यदि गवर्नर शासन को लागू की जाती है, तो वो इसे उखाड़ फेंकेंगे.

सच्ची आजादी के लिए संघर्ष से कभी पीछे नहीं हटेगी पीटीआई

वहीं, एक सवाल के जवाब में, PTI नेता ने कहा कि पीटीआई सच्ची आजादी के लिए अपने संघर्ष से कभी पीछे नहीं हटेगी. उन्होंने कहा कि “हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक संवैधानिक सर्वोच्चता और कानून का शासन बहाल नहीं हो जाता, साथ ही इमरान खान समेत सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा नहीं कर दिया जाता और लोगों के जनादेश का सम्मान नहीं किया जाता. उन्होंने कहा कि हमारा संघर्ष तब तक खत्म नहीं होगा जब तक पाकिस्तान ‘रियासत-ए-मदीना’ के विजन में शामिल न्याय, समानता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर नहीं चलता.”

इस दौरान नईम पंजुथा ने दावा किया कि कोई भी धमकी, इमरजेंसी, गवर्नर शासन या राजनीतिक दमन पीटीआई के संकल्प को नहीं तोड़ सकता और न ही उनकी आजादी की लड़ाई को दबाया जा सकता है.

इसी बीच पीटीआई के सांसद शाहिद खट्टक ने भी ऐसी संसद में बने रहने के मकसद पर सवाल उठाया है, जो उनके अनुसार, अपने ही सांसदों की गरिमा और सुरक्षा की रक्षा भी नहीं कर सकती. उन्होंने कहा, “ऐसी संसद में बैठने का क्या फायदा जो अपने ही एमएनए की गरिमा और सुरक्षा की रक्षा भी नहीं कर सकती?”

गिरफ्तारी या गोली-बंदूक से नहीं डरता पीटीआई

शाहिद खट्टक ने कहा कि “मेरा प्रस्ताव है कि हम विधानसभाओं से इस्तीफा दें और अपने संघर्ष को सड़कों पर ले जाएं. हम गिरफ्तारी, गोलियों, बंदूकों या किसी भी तरह के दबाव से नहीं डरते. हम इमरान खान के सिपाही हैं. हर हाल में जनसभा होगी, और हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक इमरान खान रिहा नहीं हो जाते, राजनीतिक कैदी आजाद नहीं हो जाते, यह नाकाम सिस्टम बदल नहीं दिया जाता, और संविधान की सर्वोच्चता व कानून का शासन बहाल नहीं हो जाता.”

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