पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में ईसाइयों पर अत्याचार,  घर छोड़कर भागे 35 परिवार

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Pakistan: पाकिस्तान में कई दशकों से अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार करने वाले इस्लामी भीड़ अब ईसाइयों को अपना घर बार छोड़ने को मजबूर कर रही है. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में अब ईसाई परिवार का रहना मुश्किल हो गया है. ईशनिंदा के झूठे आरोप लगाकर हिंसा भड़काई जा रही है, ऐसे में उग्र भीड़ की डर से शेखपुरा के 35 ईसाई परिवार अपना घर छोड़ना पड़ा है.

एक रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को दर्जनों की तादाद में उग्र मुस्लिमों की भीड़ शेखपुरा जिले के घरियाल कलां गांव में कामरान मसीह की दुकान और उसी सटे बने हुए घर के बाहर विरोध प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हुए उसी भीड़ में शामिल लोगों ने दुकान और घर में आग लगा दी. फिलहाल पंजाब पुलिस ने कामरान मसीह को गुरुवार रात गिरफ्तार कर लिया था क्योंकि वहां के स्थानीय लोगों ने उनके ऊपर व्हाट्सएप ग्रुप में ईशनिंदा से जुड़ा एक वीडियो शेयर करने का दावा किया था.

ईसाई समुदाय के लोग छोड रहें घर

जैसे ही कामरान की गिरफ्तारी की खबर आस-पास के इलाकों में फैली, उनके परिवार और अन्य ईसाई समुदाय के लोग भीड़ के हमले के डर से गांव छोड़ना शुरू कर दिया. मसीह के रिश्तेदारों और अन्य लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक, अभी तक यह जानकारी नहीं दी गई कि उन पर पाकिस्तान के ईशनिंदा कानूनों के किन प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है.

मानवाधिकार संगठनों ने दी चेतावनी

वहीं, शेखपुरा पुलिस ने कहा कि ईसाई नागरिकों और उनकी संपत्ति की सुरक्षा के लिए गांव में भारी तादाद में पुलिस फोर्स तैनात की गई है और मामले की जांच की जा रही है. पुलिस अधिकारी ने आगे कहा कि इससे ज्यादा जानकारी देने की हमें अनुमति नहीं है, जिसके बाद पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठने शुरू हो गए हैं.

पाकिस्तान के कई मानवाधिकार संगठनों ने ईशनिंदा के कानूनों की आलोचना करते हुए चेतावनी दी है कि यहां के ईशनिंदा कानून का उपयोग व्यक्तिगत दुश्मनी के लिए किया जा रहा है और ये अल्पसंख्यकों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहे हैं क्योंकि पाकिस्तान के अधिकारियों ने ही पिछले साल इसकी पोल खोल कर रख दी थी.अधिकारियों ने संसदीय समिति को बताया था कि पिछले पांच साल में देश के चार प्रांतों में 333 ईशनिंदा मामलों में करीब सभी झूठे निकले थे. प्रांत के गृह सचिवों और पुलिस अधिकारियों ने सीनेट की मानवाधिकार समिति को बताया था कि झूठे मामले में ईसाइयों और हिंदू अल्पसंख्यकों के मामले भी शामिल थे.

Latest News

Moradabad News: डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जिला अस्पताल का किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

Moradabad News:: उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने शनिवार को मुरादाबाद के पंडित दीनदयाल उपाध्याय...

More Articles Like This

Exit mobile version