New Delhi: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत के एक और युवक की मौत हो गई है. युवक की पहचान पंजाब के जालंधर में गोराया निवासी 30 वर्षीय मनदीप कुमार के रूप में हुई है जो दिव्यांग भी था. उसकी मौत की खबर मिलते ही इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. मिली जानकारी के मुताबिक मनदीप ट्रैवल एजेंटों के झांसे में आकर रूस चला गया था, जहां उसे जबरन रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया.
भारत लाया गया है उसका शव
कई महीनों तक लापता रहने के बाद अब उसका शव भारत लाया गया है, जिससे परिवार और इलाके में शोक है. परिजनों के मुताबिक मनदीप ट्रैवल एजेंटों के झांसे में आ गया था. उसे नौकरी दिलाने का झूठा आश्वासन देकर रूस भेजा गया. मनदीप कुमार 17 सितंबर 2023 को एक रिश्तेदार और तीन परिचितों के साथ आर्मेनिया के लिए रवाना हुआ था.
भाई ने उसे ढूंढने के लिए हरसंभव प्रयास किया
उन्होंने तीन महीनों के लिए आर्मेनिया में मजदूरों के रूप में काम किया. 9 दिसंबर 2023 को वे रूस पहुंचे. हालांकि मनदीप रूस में ही रहा जबकि उसका रिश्तेदार और तीन अन्य साथी भारत वापस आ गए. वहीं भाई ने बताया कि मनदीप दिव्यांग था. मनदीप के लापता होने के बाद उसके भाई जगदीप ने उसे ढूंढने के लिए हरसंभव प्रयास किया लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल पाई. इस मामले को लेकर जगदीप ने पंजाब सरकार और केंद्र सरकार के समक्ष भी गुहार लगाई थी.
परिवार पर टूट पड़ा है दुखों का पहाड़
अब रूसी सेना में मनदीप की मौत की पुष्टि होने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. रूस से मनदीप का पार्थिव शरीर भारत लाया गया है. शव के भारत पहुंचते ही परिवार के सदस्य उसे लेने के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मौजूद रहे. परिजनों ने बताया कि मनदीप कई महीनों से लापता था और अब उसका शव वापस लाया गया है. परिवार पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए जालंधर ले जाने की तैयारी कर रहा है. इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है.
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