रूस ने फिर यूक्रेन में किया हमला, दागे 135 ड्रोन, भारतीय दवा कंपनी के प्लांट पर निशाना

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Russia attack Ukraine: रूस-यूक्रेन जंग खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. ऐसे में एक बार फिर रूस ने यूक्रेन पर बड़ा हमला किया है. रूसी सेना की तरफ से यूक्रेन में 135 ड्रोन दागे गए हैं. इन हमलों में सूमी में भारतीय फार्मास्युटिकल वेयरहाउस को निशाना बनाया गया, जिससे वो तबाह हो गया और इसके 52 वर्षीय कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए हैं.  इस पर भारत में यूक्रेनी दूतावास ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फार्मास्युटिकल सुविधा भारतीय मालिकाना हक वाली थी और कोई सैन्य लक्ष्य नहीं थी.

वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमीर जेलेंस्की ने भी रूसी हमले की निंदा की, उन्होंने कहा कि रूस ने कीव के पिवनिच्नी ब्रिज और सूमी में फार्मास्युटिकल गोदाम को ड्रोन से निशाना बनाया. हम मृतक के परिवार के प्रति संवेदना जताते हैं.

4 दिनों से रूसी ड्रोन हमले जारी

बता दें कि यूक्रेन में पिछले 4 दिनों से रूसी ड्रोन हमले जारी हैं. इन हमलों में कई इमारतों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है. यूक्रेनी पक्ष ने रूस पर कीव में प्रमुख पुलों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाए जाने का आरोप  लगाया है. रूसियों ने एक बार फिर कीव में पिवनिच्नी ब्रिज पर ड्रोन से हमला किया. उन्होंने सूमी में एक सामान्य फार्मास्युटिकल गोदाम को ड्रोन से निशाना बनाया. इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई.

सैकड़ों ड्रोन से हमला: जेलेंस्की

यूक्रनी राष्ट्रपति ने जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने रातभर में यूक्रेन के खिलाफ 135 हमलावर ड्रोन लॉन्च किए, जिनमें 50 से अधिक जेट-प्रोपेल्ड ड्रोन थे. इन ड्रोन हमलों में राजधानी कीव के अलावा खार्किव, कीव, ड्निप्रो, डोनेट्स्क, सूमी और जापोरिज्जिया क्षेत्रों को निशाना बनाया गया. इस दौरान प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति और आपातकालीन सेवाएं बाधित हुई हैं.

इस भारतीय समूह पर हमला

यूक्रेन में हमला का शिकार हुआ भारतीय समूह ने साल 1994 में यूक्रेन में भारतीय दवाओं के वितरक के तौर पर काम शुरू किया था. मौजूदा समय में कंपनी की कमान भारतीय नागरिक राजीव गुप्ता के हाथों में है. कंपनी ने साल 2002 में दूसरी कंपनियों की दवाओं का वितरण बंद कर अपने ब्रांड की दवाओं की मार्केटिंग शुरू की.

इस भारतीय कंपनी ने साल 2009 में यूक्रेन के सूमी में अपना फार्मा प्लांट स्थापित किया था. कुसुम ग्रुप 50 से अधिक जेनेरिक दवाएं बनाता है. यह समूह यूक्रेन के अलावा उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और फिलीपींस समेत कई देशों में अपने उत्पाद बेच रहा है, फिलहाल कंपनी की ओर से इस मामले पर प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

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