Russia Election Result 2026: रूस के ससंदीय चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दबदबा अब भी बरकरार है. दरअसल, पुतिन के समर्थन वाली यूनाइटेड रशिया पार्टी ने संसदीय चुनाव में 450 सदस्यों वाली स्टेट ड्यूमा यानी संसद में रिकॉर्ड 355 सीटें जीत ली हैं. यह जानकारी शुरुआती आधिकारिक नतीजों में सामने आई है.
इस बीच रूस की चुनाव प्रमुख एला पामफिलोवा ने बताया कि यूनाइटेड रशिया को 57.83 प्रतिशत वोट मिले. इसके साथ ही सत्ताधारी पार्टी ने ड्यूमा यानी संसद में अब तक का अपना सबसे बड़ा सीट शेयर हासिल किया है और संविधान में संशोधन के लिए जरूरी बहुमत भी बरकरार रखा.
क्यों अहम है यह रिजल्ट
बता दें कि यह संसदीय चुनाव फरवरी 2022 में रूस की ओर से यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू करने के बाद पहला संसदीय चुनाव था. क्रेमलिन ने चुनाव नतीजों को पुतिन और उनकी नीतियों के प्रति जनता की एकजुटता का सबूत बताया. वहीं, संसदीय चुनाव में 59% से ज्यादा मतदान होने की जानकारी दी गई है. इस दौरान कम्युनिस्ट पार्टी 40 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही. इसके बाद राष्ट्रवादी LDPR को 25 सीटें और न्यू पीपल्स पार्टी को 20 सीटें मिलीं. बाकी सीटें जस्ट रशिया के खाते में गईं.
दरअसल, इन चारों पार्टियों ने आम तौर पर यूक्रेन युद्ध समेत बड़े मुद्दों पर क्रेमलिन का समर्थन किया है. ऐसे में यूनाइटेड रशिया की 355 सीटें उसके पिछले रिकॉर्ड 343 सीटों से भी अधिक हैं. इतनी सीटों के साथ पार्टी के पास दूसरी पार्टियों के समर्थन के बिना संविधान में संशोधन शुरू करने की पर्याप्त ताकत होगी.
पुतिन का जलवार अब भी कायम
इन चुनावी नतीजों से पता चलता है कि पुतिन का जलवा अभी भी कायम है. ऐसे में क्रेमलिन का कहना है कि नतीजों से पुतिन के समर्थन में लोगों की भारी एकजुटता का पता चलता है. पार्टी के मुताबिक, यूक्रेन युद्ध में शामिल रहे रूस के 49 पूर्व सैनिक भी ‘यूनाइटेड रशिया’ के सांसद के तौर पर ड्यूमा में शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा चेचन्या में पुतिन के करीबी सहयोगी रमजान कादिरोव भी क्षेत्रीय नेता के तौर पर दोबारा चुने गए. चुनाव अधिकारियों के मुताबिक उन्हें 99.85% वोट मिले.