Russia-North Korea Relations: उत्तर कोरिया की विदेश मंत्री चोए सोन हुई रूस के आधिकारिक दौरे पर हैं, जहां वह अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगी. रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर 2025 के बाद यह चोए सोन हुई की रूस की पहली आधिकारिक यात्रा है.
रिपोर्ट के अनुसार, उचोए सोन हुई को रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के निमंत्रण पर मास्को बुलाया गया है, वो उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के सत्ता में आने के बाद पिछले एक दशक में देश की सबसे प्रभावशाली राजनयिकों में शामिल रही हैं साथ ही विदेश नीति में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है.
दोनो देशों के बीच इन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
जानकारों का मानना है कि इस बैठक में रूस और उत्तर कोरिया के बीच रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. हाल के वर्षों में मास्को और प्योंगयांग के बीच संबंध लगातार मजबूत हुए हैं. दोनों देश रक्षा, सैन्य और रणनीतिक सहयोग को बढ़ाने की दिशा में कई कदम उठा चुके हैं. हालांकि, दोनों विदेश मंत्रियों की बैठक के एजेंडे की विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. रूस के विदेश मंत्रालय ने सिर्फ इतना कहा है कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग के क्रम में हो रही है.
रूस-उत्तर कोरिया के बीच मजबूत हुआ आर्थिक सहयोग
बीते कुछ वर्षों में रूस-उत्तर कोरिया के बीच रणनीतिक, सैन्य और आर्थिक सहयोग तेजी से बढ़ा है. जून 2024 में दोनों देशों ने आपसी रक्षा प्रावधान वाली ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि’ पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत किसी भी देश पर हमला होने पर एक-दूसरे को सैन्य सहायता प्रदान करना शामिल है. उत्तर कोरिया ने रूस की तरफ से लड़ने के लिए तोप के गोले, हथियार, कुर्स्क क्षेत्र में अपने हजारों सैनिक और श्रमिक भी भेजे। बदले में मास्को ने प्योंगयांग को उन्नत सैन्य, उपग्रह और अंतरिक्ष तकनीक देने में सहयोग किया है.