मूर्ख ही करते हैं समझौता’ रूसी राष्ट्रपति ने किसके लिए कही ये बात? जानिए

Raginee Rai
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Russia: यूक्रेन के साथ शुरू हुए युद्ध के दौरान पश्चिमी देशों की पाबंदियों के बाद McDonald’s ने रूस छोड़ दिया था. अब McDonald’s रुस में वापसी करना चाहता है. इस कंपनी की वापसी को लेकर रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादि‍मीर पुतिन ने सख्‍त रुख अपनाया है. उन्‍होंने स्‍पष्‍ट रूप से कहा है कि अगर McDonald’s फिर से लौटना चाहता है तो उसका स्‍वागत अब यहां रेड कार्पेट बिछाकर नहीं किया जाएगा.

राष्‍ट्रपति पुतिन ने फास्‍ट फूड कंपनी पर यह हमला क्रे‍मलिन में एक बैठक के दौरान बोला. बता दें कि फास्‍ट फूड कंपनी मैकडॉनल्ड्स ने रूस छोड़ते हुए अपने सभी आउटलेट्स एक रूसी कारोबारी को बेच दिए थे.

मूर्ख ही करते हैं समझौता

रूस की सरकारी न्‍यूज एजेंसी TASS के मुताबिक, क्रेमलिन में बैठक के दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने व्कुस्नो आई टोचका के सीईओ ओलेग पारोयेव से कहा कि, ‘उन्होंने (McDonald’s) सभी को मुश्किल में डाल दिया, भाग गए, और अब अगर वो वापस आना चाहते हैं, तो क्या हमें उनके लिए रेड कार्पेट बिछाना चाहिए? बिल्कुल नहीं.’

पुतिन ने यह भी कहा कि ‘केवल मूर्ख ही समझौता करते हैं और यही बात यहां भी लागू होती है.’ जानकारी दें कि व्कुस्नो आई टोचका वो फास्ट फूड चेन है जिसने मई 2022 में रूस छोड़कर भागी McDonald’s की जगह ले ली थी.

देश के हित में लेंगे फैसला

राष्ट्रपति पुतिन ने सरकारी अमले को निर्देश दिया है कि वो उन विदेशी कंपनियों की वापसी के लिए नियम बनाए जो रूस वापस आना चाहती हैं, लेकिन यह सब कुछ रूसी कारोबारियों के हितों को ध्यान में रखकर ही होना चाहिए. पुतिन ने यह भी कहा कि यदि कोई विदेशी कंपनी वापस लौटना चाहती है तो उसे रूस की शर्तों पर ही लौटना पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि यदि आपको फायदा हो, तो आने दो. नहीं हो तो हम ऐसा करेंगे जिससे रूस को लाभ हो. इसके साथ ही राष्ट्रपति पुतिन ने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकार रूसी कारोबारियों को पूरा सपोर्ट और हर फैसला देश के हित को देखने हुए लिया जाएगा.

ये भी पढ़ें :- Bangladesh: कोई भी संवैधानिक संशोधन अल्पसंख्यक अधिकारों को रखेगा कायम… मोहम्मद यूनुस के बदले सुर

Latest News

Mobile Manufacturing Scheme: ₹62,500 करोड़ की नई स्कीम को मंजूरी, भारत बनेगा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब

केंद्रीय कैबिनेट ने ₹62,500 करोड़ की मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को मंजूरी दे दी है. यह योजना 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगी और मोबाइल उत्पादन, निर्यात, घरेलू विनिर्माण तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर केंद्रित होगी.

More Articles Like This

Exit mobile version