Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग अब सिर्फ मिसाइलों और ड्रोन तक सीमित नहीं रह गई है. युद्ध के मैदान में तकनीक का दायरा लगातार बढ़ रहा है और अब यूक्रेन ने एक ऐसा कदम उठाया है, जो आने वाले समय में युद्ध लड़ने के तरीके को बदल सकता है. ड्रोन के बाद यूक्रेन ने अब ‘रोबोट आर्मी’ तैयार करने का ऐलान किया है, जिसके जरिए सैनिकों की जान जोखिम में डालने वाले कई काम मशीनों से कराने की तैयारी है.
युद्ध के मैदान में उतरेंगे रोबोट
यूक्रेन ने मिखाइलो फेडोरोव के नेतृत्व में ‘रोबोट आर्मी’ कार्यक्रम शुरू किया है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य सैनिकों को सीधे खतरे वाले इलाकों में भेजने की जरूरत कम करना और जोखिम भरे सैन्य अभियानों में रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना है. इसके तहत घायल सैनिकों को सुरक्षित निकालने, गोला-बारूद और जरूरी सामान पहुंचाने, खुफिया टोह लेने और दूसरे खतरनाक कामों के लिए रोबोटिक सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा.
We’re launching the Army of Robots.
In 2022, we launched the Army of Drones. Today, drones account for over 95% of battlefield strikes, and Ukraine has more than 700 UAV manufacturers.
Now we need the next technological breakthrough: the robotization of warfare.
The goal is… pic.twitter.com/UtaDuV4LXT
— Mykhailo Fedorov (@FedorovMykhailo) September 26, 2026
ड्रोन के बाद अब रोबोट पर बड़ा दांव
रूस-यूक्रेन युद्ध में ड्रोन तकनीक ने पहले ही युद्ध के तरीके को काफी बदल दिया है. यूक्रेन अब इसी अनुभव को जमीन पर इस्तेमाल होने वाली रोबोटिक तकनीक तक ले जाने की तैयारी कर रहा है. यूक्रेन का लक्ष्य ऐसे कामों को मशीनों के हवाले करना है, जिनमें सैनिकों के घायल होने या जान गंवाने का जोखिम सबसे ज्यादा रहता है. इससे सैनिकों को सीधे खतरे वाले इलाकों से दूर रखने में मदद मिल सकती है.
निजी कंपनियों और इंजीनियरों को जोड़ा जाएगा
‘रोबोट आर्मी’ को आगे बढ़ाने के लिए यूक्रेन निजी रक्षा तकनीक कंपनियों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों को भी साथ जोड़ रहा है. इसके लिए एक विशेष मंच के जरिए रक्षा तकनीक से जुड़े लोगों और कंपनियों से जुड़ने का आह्वान किया गया है. यूक्रेन में छोटे तकनीकी समूहों और स्टार्टअप्स ने ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में तेजी से काम किया है. अब इसी तरह के निजी नवाचार और तेजी से उत्पादन पर रोबोटिक्स के क्षेत्र में भी जोर दिया जा रहा है.
जमीन पर कई काम करेंगे रोबोट
यूक्रेन की योजना में जमीन पर चलने वाले रोबोटिक सिस्टम का इस्तेमाल कई तरह के कार्यों में करने की बात कही गई है. इनमें घायल सैनिकों को निकालना, सामान और गोला-बारूद पहुंचाना, टोह लेना और कुछ दूसरे जोखिम वाले अभियानों में सहायता करना शामिल है. भविष्य में इंसानी आकार वाले रोबोटों के इस्तेमाल की दिशा में भी काम किए जाने की बात सामने आई है. इनका इस्तेमाल ऐसे कामों के लिए किया जा सकता है, जिनमें सैनिकों को बार-बार खतरनाक इलाकों में जाना पड़ता है.
सामने होंगी बड़ी तकनीकी चुनौतियां
युद्ध के मैदान में रोबोट का इस्तेमाल आसान नहीं है. दुश्मन की इलेक्ट्रॉनिक गतिविधियों से संचार व्यवस्था प्रभावित होना, कठिन भूभाग में मशीनों का संचालन और उनकी विश्वसनीयता बनाए रखना बड़ी चुनौतियां हैं. इसके बावजूद यूक्रेन युद्ध में मानव सैनिकों के जोखिम को कम करने के लिए रोबोटिक तकनीक पर जोर दे रहा है. ड्रोन के बाद ‘रोबोट आर्मी’ की यह पहल रूस-यूक्रेन युद्ध में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल का एक और उदाहरण बन गई है.
यह भी पढ़े: नेपाल में मौसम की मारः हिमलुंग हिमाल बेस कैंप में हिमस्खलन, दस लोग लापता, तलाश जारी