New Delhi: भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के सत्र में हिस्सा लेने के लिए न्यूयॉर्क में हैं. वे 26 सितंबर को यूएनजीए को संबोधित करेंगे. इससे पहले उन्होंने वी4 देशों पोलैंड, चेक गणराज्य, हंगरी, स्लोवाकिया के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की, जिन्होंने भारत की स्थायी सुरक्षा परिषद सदस्यता का समर्थन किया है. अपनी इस यात्रा के दौरान वह संयुक्त राष्ट्र मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के साथ-साथ कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय बैठकों में भी शामिल होंगे.
प्रमुखता से चर्चा होने की उम्मीद
इस वैश्विक कूटनीतिक मंच पर संघर्ष, आर्थिक चुनौतियां, मानवीय संकट, जलवायु परिवर्तन और उभरती हुई तकनीक जैसे विषयों पर प्रमुखता से चर्चा होने की उम्मीद है. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, महासभा का यह 81वां सत्र वैश्विक सहयोग को पुनर्जीवित करने, सतत विकास लक्ष्यों को गति देने और विश्व में शांति, गरिमा व समानता के लिए सामूहिक कार्रवाई को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दुनिया भर के नेताओं को एक मंच पर लाएगा.
बांग्लादेश के विदेश मंत्री रहमान करेंगे अध्यक्षता
इस सत्र की सामान्य बहस का मुख्य विषय “विश्वास बहाल करना, परिवर्तन का प्रबंधन एक संयुक्त राष्ट्र जो सभी के लिए परिणाम दे” रखा गया है, जिसकी अध्यक्षता बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान करेंगे. इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान 22 से 28 सितंबर तक चलने वाली सामान्य बहस में 193 सदस्य देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और वरिष्ठ प्रतिनिधि अपने विचार रखेंगे. इसके अलावा, समाधानों और कार्रवाई को बढ़ावा देने के लिए दो प्रमुख मंच भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे. जिनमें ‘एसडीजी मीडिया जोन’ और ‘गोल्स लाउंज’ शामिल हैं, जहां विशेषज्ञों के साथ गहन और अनौपचारिक संवाद होंगे.