Washington: ईरान से युद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन को बडा झटका लगा है. वाइट हाउस की रिलीजियस लिबर्टी कमीशन (धार्मिक स्वतंत्रता आयोग) की इकलौती मुस्लिम महिला सदस्य समीरा मुंशी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. समीरा मुंशी को साल 2025 में ट्रंप ने खुद नियुक्त किया था. लेकिन अब उन्होंने प्रशासन पर ‘अन्याय और अत्याचार’ के गंभीर आरोप लगाए हैं.
सोशल मीडिया पर इस्तीफे की घोषणा
समीरा का कहना है कि वह अब इस सरकार के साथ और काम नहीं कर सकतीं. समीरा मुंशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने इस्तीफे की घोषणा की. उन्होंने अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हमले को पूरी तरह से अवैध करार दिया है. समीरा के मुताबिक यह युद्ध अमेरिकी संविधान और कांग्रेस की मंजूरी के बिना शुरू किया गया है. उन्होंने अपने बयान में कहा कि वह देश और विदेश दोनों जगह ट्रंप प्रशासन की नीतियों से बेहद दुखी हैं.
नागरिकों की मौत का जिम्मेदार
समीरा मुंशी ने ट्रंप प्रशासन की कड़ी आलोचना करते हुए उसे ईरान में हो रही नागरिकों की मौत का जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने दावा किया कि मिलिट्री स्ट्राइक में मासूम बच्चों की जान जा रही है. समीरा ने इजरायल को ‘नरसंहार करने वाला देश’ बताया और कहा कि अमेरिका सिर्फ इजरायल को सपोर्ट करने के लिए यह सब कर रहा है. उन्होंने साफ किया कि वह किसी डर या दबाव में इस्तीफा नहीं दे रही हैं. बल्कि वह इस कमीशन के सदस्यों द्वारा किए जा रहे अन्याय की गवाह रही हैं और अब इसका हिस्सा नहीं रहना चाहतीं.
यह प्रशासन भ्रष्ट और खतरनाक
समीरा मुंशी ने अपने बयान के आखिर में एक बहुत ही कड़ा प्रहार किया. उन्होंने कहा कि यह प्रशासन भ्रष्ट और खतरनाक हो चुका है जिसे अमेरिकी नागरिकों और बेगुनाहों की जान की कोई परवाह नहीं है. समीरा ने स्पष्ट शब्दों में लिखा, ‘मैं इजरायल के ऊपर अमेरिका का समर्थन करती हूं.’ उन्होंने कहा कि बदकिस्मती से इसका मतलब यह है कि वह अब ट्रंप या इस सरकार का समर्थन नहीं कर सकतीं.
इसे भी पढ़ें. हिंदी सिनेमा को बड़ा झटका, जानी-मानी अभिनेत्री मधु मल्होत्रा का 72 साल की उम्र में निधन

