Saudi Arabia Houthi attack: सऊदी गठबंधन का दावा है कि गुरुवार को इस्लाम के पवित्र स्थल मदीना में एक मिसाइल को उन्होंने इंटरसेप्ट किया है, जो हूती विद्रोहियों की ओर से किए गए उस वादे के उलट है जिसमें उसने कहा था कि वो मक्का या मदीना को टारगेट नहीं करेगा. वहीं, सऊदी के इस दावे के बाद हूती ने कहा कि अटैक उसकी ओर से नहीं किया गया है.
बता दें कि यमन के हूती विद्रोहियों से लड़ रहे सऊदी-नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने बयान जारी कर कहा कि उसने मदीना क्षेत्र में एक क्रूज मिसाइल को सफलता पूर्वक रोका. मदीना इस्लाम के सबसे पवित्र शहरों में से एक है, और हूती ने पहले वादा किया था कि वे इसे निशाना नहीं बनाएंगे.
मदीना पर हमले के बारे में सऊदी दावे निंदनीय
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि “मदीना क्षेत्र में एक क्रूज मिसाइल को रोका गया और नष्ट कर दिया गया.” उनके इस बयान को सरकारी मीडिया ने भी प्रकाशित किया है. सऊदी अरब के बयान के कुछ देर बाद यमन के हूतियों ने कहा कि उन्होंने मदीना क्षेत्र में कोई हमला नहीं किया है. हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि “यमनी सशस्त्र बल इस बात की पुष्टि करता है कि उसने आज सऊदी क्षेत्र को निशाना बनाकर कोई ऑपरेशन नहीं चलाया है. मदीना पर हमले के बारे में सऊदी दावे निंदनीय और सरासर झूठे हैं.”
दरअसल, अक्टूबर 2026 में हूती ने सऊदी अरब के कई हवाई अड्डों को निशाना बनाया है. खासकर राजधानी रियाद के किंग अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर ड्रोन और मिसाइलों के जरिए घातक हमले किए. हाल के दिनों में पहला बड़ा हमला 10 अक्टूबर 2026 को किया, जिसमें 12 लोगों की मौत हुई और 309 से अधिक लोग घायल हुए. वहीं, 11 अक्टूबर को इलाज के दौरान एक भारतीय नागरिक की भी मौत हो गई, जिससे इस हमले में मरने वालों की कुल संख्या 13 हो गई. इसके 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि रविवार दोपहर दोबारा इस एयरपोर्ट को निशाने पर लिया गया. इसमें एक शख्स की मौत हो गई जबकि 11 लोग घायल हो गए.
हूती विद्रोहियों ने किया वादा
हूतियो के इस हमलों के बाद सुरक्षा कारणों से किंग खालिद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का संचालन अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया. विभिन्न देशों ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रख एडवाइजरी जारी की. वहीं, इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए हूती विद्रोहियों ने वादा किया कि आगामी दिनों में भी वो अलग-अलग हवाईअड्डों को निशाना बनाते रहेंगे; हालांकि इस जद में पवित्र स्थल मक्का और मदीना नहीं आएंगे.