New Delhi: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच तुर्की और इजिप्ट ने मिडिल ईस्ट के इलाके में सैन्य टकराव को बढ़ने से रोकने के लिए अपनी कूटनीतिक कोशिशें तेज कर दी हैं. मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलात्ती और तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान के बीच फोन पर बातचीत हुई. दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की और आगे किसी बड़े संकट को रोकने के लिए आपसी तालमेल बनाए रखने पर सहमति जताई.
मतभेदों के बावजूद साथ मिलकर काम
एक अहम बात यह भी है कि तुर्की और मिस्र अपने मतभेदों के बावजूद क्षेत्रीय संकटों पर साथ मिलकर काम कर रहे हैं. सऊदी अरब और पाकिस्तान के साथ मिलकर दोनों देश R4 नाम के कूटनीतिक समूह में भी शामिल हैं, जो बातचीत और क्षेत्रीय तालमेल के जरिए तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है. मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलात्ती और तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान के बीच फोन पर बातचीत हुई. उन्होंने क्षेत्रीय तनाव को कम करने और आगे किसी संकट को रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया.
तनाव बढ़ने और उसे कम करने की कोशिशें
ये बातचीत ऐसे समय हुई जब क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने और उसे कम करने की कोशिशें एक साथ चल रही थीं. इस बातचीत का घोषित मकसद क्षेत्रीय हालात पर बातचीत के साथ ही आगे के संकटों को रोकने के लिए संपर्क बनाए रखना था. ध्यान देने वाली बात यह है कि दोनों देशों ने इस बातचीत में किसी नए मिलिट्री गठबंधन या संयुक्त सैन्य अभियान की घोषणा नहीं की. फिलहाल सामने आई जानकारी कूटनीतिक समन्वय और तनाव कम करने के प्रयासों से संबंधित है.
संघर्ष का दायरा बढ़ने की आशंका
इस कूटनीतिक सक्रियता के पीछे कई आपस में जुड़े संकट हैं. अमेरिका, इजरायल और ईरान से जुड़े सैन्य टकराव ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ाई हैं. ऐसे हालात में किसी नए हमले या जवाबी कार्रवाई से संघर्ष का दायरा बढ़ने की आशंका रहती है. तुर्की, मिस्र, सऊदी अरब और पाकिस्तान ने 23 अक्टूबर को इस्तांबुल में हुई R4 विदेश मंत्रियों की बैठक में इस संघर्ष का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकालने की जरूरत पर जोर दिया था. उन्होंने नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा तथा बातचीत के माध्यम से स्थायी समाधान का समर्थन किया.
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