ब्रिटेन में पकडा गया करोड़ों का धोखाधड़ी करने वाला पाकिस्तानी जालसाज, सैंकड़ों छात्रों की जगह परीक्षा देकर कमाए रुपए

London: ब्रिटेन की अदालत ने लिवरपूल में रहने वाले पाकिस्तानी मूल के 42 वर्षीय शाहिद अदनान को विश्वविद्यालयों में बड़े पैमाने पर शैक्षणिक धोखाधड़ी चलाने के मामले में तीन साल की जेल की सजा सुनाई है. अदालत ने उसे कंप्यूटर सिस्टम में अनधिकृत प्रवेश, फर्जी प्रतिनिधित्व के जरिए धोखाधड़ी और आपराधिक आय को छिपाने जैसे अपराधों का दोषी पाया. विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि उनके कर्मचारियों की सतर्कता और स्थापित सुरक्षा प्रक्रियाओं की वजह से इस गंभीर धोखाधड़ी का पता चल सका.

शैक्षणिक ईमानदारी से कोई समझौता नहीं

संस्थान ने दोहराया कि वह शैक्षणिक ईमानदारी से कोई समझौता नहीं करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों की लगातार समीक्षा की जाएगी. पुलिस जांच के अनुसार, अदनान छात्रों के ऑनलाइन अकाउंट में लॉग-इन कर उनके लिए असाइनमेंट तैयार करता था, कोर्सवर्क जमा करता था और कई मामलों में ऑनलाइन परीक्षाएं भी देता था. इस तरह उसने 100 से अधिक छात्रों को अवैध रूप से डिग्री हासिल करने में मदद की और करोड़ों रुपए कमाए.

मूल्यांकन के लिए एक पेन ड्राइव

इस घोटाले का खुलासा तब हुआ जब Liverpool John Moores University के एक छात्र ने मूल्यांकन के लिए एक पेन ड्राइव जमा की. विश्वविद्यालय के कंप्यूटर फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. टॉम बेरी को उसमें बड़ी मात्रा में संवेदनशील डेटा मिला, जिसमें छात्रों के यूजरनेम, पासवर्ड, असाइनमेंट की जानकारी और वित्तीय रिकॉर्ड शामिल थे. मामला तुरंत पुलिस को सौंप दिया गया. इसके बाद विश्वविद्यालय और पुलिस ने तकनीकी जांच शुरू की. कई छात्रों के असाइनमेंट एक ही आईपी एड्रेस से जमा किए गए थे.

आईपी एड्रेस को ट्रैक कर घर तक पहुंच

जांचकर्ताओं ने उस आईपी एड्रेस को ट्रैक कर अदनान के घर तक पहुंच बनाई, जहां से उसके पूरे नेटवर्क के सबूत मिले. पुलिस के मुताबिक, अदनान ने Study Sharp Ltd नामक कंपनी बना रखी थी. इसी कंपनी के जरिए छात्रों से पैसे लिए जाते थे. जांच में यह भी सामने आया कि उसे विभिन्न विश्वविद्यालयों के छात्रों से नियमित भुगतान मिल रहा था. एक छात्र द्वारा उसे लगभग £14,000 तक दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है.

वास्तविक कौशल या योग्यता नहीं

मर्सीसाइड पुलिस के डिटेक्टिव सार्जेंट एडम डैगनॉल ने कहा कि यदि ऐसी धोखाधड़ी को नहीं रोका जाए तो ऐसे लोग डिग्री लेकर उन पेशों में पहुंच सकते हैं जिनके लिए उनके पास वास्तविक कौशल या योग्यता नहीं है. इससे समाज और सार्वजनिक सुरक्षा दोनों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है. अदालत द्वारा जेल की सजा सुनाए जाने के बाद अब अधिकारियों ने अदनान की संपत्तियों और अवैध कमाई को जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.

अपराध से अर्जित धन वापस

यह कार्रवाई ब्रिटेन के Proceeds of Crime Act के तहत की जाएगी ताकि अपराध से अर्जित धन वापस लिया जा सके. विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि उनके कर्मचारियों की सतर्कता और स्थापित सुरक्षा प्रक्रियाओं की वजह से इस गंभीर धोखाधड़ी का पता चल सका. संस्थान ने दोहराया कि वह शैक्षणिक ईमानदारी से कोई समझौता नहीं करेगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों की लगातार समीक्षा की जाएगी.

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