Ukraine-Russia War: अमेरिका-इजरायल हमले के बाद ईरान ने मिडिल ईस्ट में कोहराम मचाया हुआ है. वो लगातार अमेरिकी एयरबेस पर ड्रोन और मिसाइल से हमले कर रहा है. इस बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने मिडिल ईस्ट के देशों को एक ऑफर दिया है.
दरअसल जेलेंस्की ने कहा है कि यदि मिडिल ईस्ट के देश रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को एक महीने के लिए सीजफायर करने के लिए मना लेते हैं तो यूक्रेन उन्हें ईरानी ड्रोन से बचाएगा.
हमें ड्रोन मार गिराने का बड़ा अनुभव: जेलेंस्की
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा है कि वो ईरानी ड्रोन को रोकने में माहिर अपने सर्वश्रेष्ठ विशेषज्ञों को मिडिल ईस्ट भेजने के लिए तैयार हैं. यूक्रेन लंबे उन्होंने कहा कि यूक्रेन लंबे समय से रूस से युद्ध कर रहा है. इस बीच उन्हें ड्रोन गिराने का बड़ा अनुभव प्राप्त हुआ है. उनकी सेना ने रूस के कई हाईटेक ड्रोनों को हवा में मार गिराया है.
जेलेंस्की का दावा है कि यूक्रेन के खिलाफ अब तक 57 हजार ड्रोन इस्तेमाल किए जा चुके हैं. इनमें से ज्यादातर को यूक्रेन की सेना ने हवा में ही मार गिराया है. इनमें से हजारों ड्रोन तेहरान द्वारा मॉस्को भेजे गए थे. उन्हें पता है ईरान के ड्रोन और मिसाइल से कैसे निपटा जाता है
दो सप्ताह या दो महीने तक चल सकती है जंग
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि मैं ईरान से प्रभावित मिडिल ईस्ट के देशों को एक सुझाव देना चाहता हूं. दरअसल मिडिल ईस्ट के देशों के रूस के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं. ऐसे में वे रूस से एक महीने के लिए सीजफायर करने का अनुरोध कर सकते हैं. जेलेंस्की का कहना है कि यदि रूस इसके लिए मान जाता है, तो यूक्रेन मिडिल ईस्ट के देशों की सहायता करने के लिए तैयार है. इसके लिए यूक्रेन के शीर्ष ड्रोन इंटरसेप्टर ऑपरेटरों को मिडिल ईस्ट भेजा जाएगा.
जेलेंस्की का मानना है कि ईरान जिस तरह से हमले कर रहा है, उसे देखकर लगता है कि ये जंग दो सप्ताह या दो महिने तक चल सकती है. बता दें कि यूक्रेन लगातार बिना शर्त सीजफायर की बात कर रहा है. जबकि मॉस्को ने इस प्रस्ताव को खारिज करते हुए यूक्रेन पर अपने निरंतर हमले जारी रखे हैं.
ईरान की ओर से लगातार किए जा रहे ड्रोन अटैक
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया, जिसके बाद से ही इस जंग ने विकराल रूप धारण कर लिया. इस जंग में अब तक ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई उनका परिवार के कई सदस्य और कई अन्य शीर्ष अधिकारियों की जान जा चुका है. इसी के बाद से ईरान मिडिल ईस्ट में अमेरिकी एयरबेसों और इजरायल पर लगातार हमले कर रहा है. ईरान ने इराक, बहरीन, कुवैत, अरब, यूएई, और कतर में इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं.
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