‘भाषण या धमकी से डरने वाले नहीं’, होर्मुज वाले ट्रंप के बयान पर ईरान का करारा जवाब

Aarti Kushwaha
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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US Iran Tension: अंतरराष्ट्रीय राजनीति और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने नई बहस छेड़ दी है.  डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अगर अमेरिकियों को पेट्रोल के लिए कुछ अधिक कीमत चुकानी पड़े तो इसे स्वीकार करना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पर जीत के बाद वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिकी क्षेत्र घोषित करेंगे. ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.

ईरान ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज हमेशा ईरान का था, है और रहेगा तथा इसे किसी राजनीतिक भाषण या सैन्य दबाव से नहीं छीना जा सकता.

ट्रंप ने तेल कीमतों को लेकर दी दलील

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक भाषण में कहा कि अगर लोगों को पेट्रोल के लिए थोड़ी अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है तो उन्हें यह याद रखना चाहिए कि यह एक ऐसे देश को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने की कीमत है जिसे उन्होंने “बहुत खतरनाक देश” बताया. राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका सिर्फ अपने लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए काम कर रहा है. साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई के लिए वह कभी माफी नहीं मांगेंगे. ट्रंप ने कहा कि ईरान को पराजित करने के बाद वह जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अमेरिका का क्षेत्र घोषित करेंगे.

ईरान ने दिया सख्त जवाब

ट्रंप के बयान के बाद ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने सोशल मीडिया के जरिए तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि ” स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर न ट्वीट के जरिए कब्जा किया जा सकता है, न विमानवाहक पोत के जरिए और न किसी चुनावी भाषण के जरिए.” ग़रीबाबादी ने कहा कि ईरान धमकियों से डरने वाला देश नहीं है और शक्ति प्रदर्शन के सामने भी झुकने वाला नहीं है. होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान का था, है, और रहेगा तथा इसके संचालन से जुड़े फैसले ईरान की संप्रभुता के तहत ही होंगे.

क्यों खास है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज? तेल की कीमतों पर पड़ता है असर

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में गिना जाता है. वैश्विक तेल और एलएनजी आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. इसलिए इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने का असर सीधे ऊर्जा बाजार पर पड़ता है. वहीं ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी दिखाई देने लगा है. ब्रेंट क्रूड की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं, जबकि अमेरिका में पेट्रोल की कीमत लगभग 4 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लंबी अवधि तक अस्थिरता बनी रहती है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है.

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