US Iran War: मिडिल ईस्ट में फिर से तनाव बढ़ गया है. बीते दिन अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमले शुरू करने की घोषणा की. अमेरिकी सेना का कहना है कि इस हमले का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रखना है. वहीं, अब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर उसने होर्मुज में समुद्री यातायात में बाधा डालने की कोशिश की, तो अमेरिका पहले से भी अधिक ताकत से जवाब देगा.
हमने ईरानियों के साथ एक समझौता किया था
विस्कॉन्सिन के मिलवॉकी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, “हमने ईरानियों के साथ एक समझौता किया था. यह समझौता उस समय हुआ जब अमेरिका अधिकतम दबाव और अधिकतम ताकत की स्थिति में था.”
डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सेना की प्रशंसा की US Iran War
कार्यक्रम के दौरान वेंस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी सेना की प्रशंसा की. उन्होंने कहा, “हमारी शानदार अमेरिकी सेना और राष्ट्रपति की कोशिशों की वजह से हम इस स्थिति में अधिकतम ताकत के साथ पहुंचे. ईरान का परमाणु कार्यक्रम नष्ट हो गया, उसकी पारंपरिक सैन्य क्षमता भी खत्म हो गई. अब ईरान के कुछ लोग कह रहे हैं कि वे अमेरिका के साथ अपने संबंध बदलना चाहते हैं और नई शुरुआत करना चाहते हैं.”
ईरान को दी चेतावनी
वेंस ने कहा, “हमारी बुनियादी शर्त यह थी कि अगर आप जहाजों पर गोलीबारी बंद करेंगे तो हम अपनी नाकाबंदी हटाएंगे. लेकिन अगर आप जहाजों पर हमला करेंगे, तो हम पहले से भी अधिक ताकत से जवाब देंगे.” उन्होंने दावा किया कि ईरान ने शुरू में इस समझौते का पालन किया था. वेंस ने कहा, “उन्होंने (ईरान) कहा था कि वे जहाज़ों पर गोली चलाना बंद कर देंगे. 24 घंटे पहले उन्होंने फिर से जहाजों पर गोली चलाना शुरू कर दिया। लगभग एक सप्ताह तक उनका बर्ताव अच्छा था, लेकिन फिर उन्होंने जहाजों पर गोली चलाना शुरू कर दिया.”
हम उन्हें करारा जवाब देंगे
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “समझौता बहुत सीधा है. अगर वे जहाजों पर हमला करेंगे, तो हम उन्हें करारा जवाब देंगे। राष्ट्रपति ट्रंप के पास कई विकल्प हैं, लेकिन मैं संभावित सैन्य कार्रवाई पर टिप्पणी नहीं करूंगा.” उन्होंने कहा, “राष्ट्रपति ने साफ शब्दों में कहा है कि होर्मुज स्ट्रेट खुला रहेगा. इसका मतलब है कि अमेरिकी लोगों तक तेल और गैस की सप्लाई होती रहेगी. इसीलिए हम देख रहे हैं कि गैस की कीमतें कम होने लगी हैं. तेल की कीमतें इतनी कम इसलिए हैं क्योंकि राष्ट्रपति ने कहा है कि वह अहम रास्ता, जिससे दुनिया की अधिक ऊर्जा की सप्लाई होती है, उसे खुला रहना ही चाहिए.”

