अमेरिका में 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव के लिए वोटिंग होने वाला है. यह चुनाव अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के लिए बहुत अहम होने वाला है. इसी चुनाव के जरिए अमेरिका की जनता यह तय करेगी कि डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के हाथ में संसद के दोनों सदनों का कंट्रोल रहेगा या नहीं. फिलहाल, ट्रंप ने इस चुनाव में एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया है, लेकिन सर्वे में उनकी पार्टी पिछड़ती नजर आ रही है.
ऐसे में सवाल यह है कि आखिर मिडटर्म चुनाव क्या होता है? इसमें जनता किसे चुनती है? ट्रंप सरकार और अमेरिका की राजनीति के लिए इस बार का चुनाव इतना अहम क्यों है? इस बार के चुनाव में क्या मुद्दे हैं? आखिर में हम यह भी बताएंगे कि भारत की नजर भी इस चुनाव पर क्यों होगी.
अमेरिका में मिडटर्म इलेक्शन क्या होता है?
मंगलवार को अमेरिकी नागरिक कांग्रेस (अमेरिका संसद) के सदस्यों को चुनेंगे. अमेरिका की संसद में दो सदन हैं- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट. बता दें कि हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स को आप लोकसभा कह सकते हैं और सीनेट को राज्यसभा. वहीं, अमेरिका में संसद के लिए चुनाव हर दो साल में होते हैं, और जब ये राष्ट्रपति के चार साल के कार्यकाल के बीच में होते हैं, इसलिए इसे ‘मिडटर्म’ कहा जाता है.
मिडटर्म में किसका होता है चुनाव?
इस चुनाव में कांग्रेस के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सभी 435 सदस्यों का चुनाव होगा. भारत में लोकसभा सांसद का कार्यकाल 5 सालों का होता है लेकिन अमेरिका के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के सांसदों का कार्यकाल दो साल का होता है. इतना ही नहीं, सीनेट (उच्च सदन) की 100 में से 35 सीटों के लिए भी चुनाव होंगे. अमेरिका में सीनेटरों का कार्यकाल छह साल का होता है.

