डोनाल्ड ट्रंप ने भारत, चीन समेत 60 देशों पर लगाया नया टैरिफ

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

US New Tariffs: डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के 60 व्यापारिक पार्टनर देशों पर नए सिरे से भारी टैरिफ लगा दिए हैं. बता दें कि ये टैरिफ उस 10% ग्लोबल ड्यूटी का स्थान लेंगे जो शुक्रवार सुबह खत्म होने वाली थी. अमेरिका इन देशों पर 10% या 12.5% ​​टैरिफ लगाएगा. जिनमें देशों में यूनाइटेड किंगडम, मैक्सिको, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, भारत, चीन और यूरोपीय संघ के 27 देश शामिल हैं.

यह असल में उस 10% टैरिफ की जगह लेगा जो ट्रंप ने फरवरी में उस समय लगाया था, जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने उनके कई पुराने टैरिफ को गैर-कानूनी करार दिया था. टैरिफ के मोर्चे पर अमेरिका की सबसे बड़ी अदालत की चुनौतियों के बावजूद ट्रंप सरकार की अपनी आक्रामक व्यापार नीतियां लागू करने की यह एक और कोशिश है.

301 के तहत लगाए जाएंगे 1974 के ट्रेड एक्ट

रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार देर रात अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने इन नए टैरिफ का ऐलान किया. ये टैरिफ 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत लगाए जाएंगे, जो उन देशों के खिलाफ है जहां जबरन मजदूरी कराई जाती है. ट्रंप का कहना है कि फरवरी में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद उनकी सरकार अनुचित व्यापार तौर-तरीकों की जांच करे, जिससे स्थायी टैरिफ लगाए जा सकें.

जबरन मजदूरी के नाम पर टैरिफ लगा रही ट्रंप सरकार

अमेरिका जबरन मजदूरी से निर्यात वाले समान क बनवाने का आरोप लगाकर इन देशों पर टैरिफ लगा रहा है. इस बीच US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर का कहना है कि अमेरिका में करीब एक सदी से जबरन मजदूरी से बने सामान के आयात पर रोक है और इसे सख्ती से लागू किया जाता है. अब हमारे व्यापारिक साझेदारों के लिए भी ऐसा ही करने का समय आ गया है. साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि जिन अर्थव्यवस्थाओं को निशाना बनाया गया है, वे अमेरिका के व्यापार का बड़ा हिस्सा हैं.

दरअसल, फरवरी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति के कई टैरिफ को रद्द कर दिए थे. उसके बाद से ट्रंप सरकार ने टैरिफ दीवार को फिर से खड़ा करने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं. कोर्ट के फैसले से अपनी मर्जी से भारी टैरिफ लगाने की ट्रंप की क्षमता को झटका लगा था. इस झटके के बाद, ट्रंप ने आयात पर 10 प्रतिशत टैरिफ फिर से लागू करने के लिए अलग-अलग अधिकारों का इस्तेमाल किया. लेकिन यह व्यवस्था केवल 150 दिनों के लिए थी और शुक्रवार को खत्म हो रही है. यानी एक्सपायर हो रही. अब इसकी जगह नए टैरिफ लगाए जा रहे हैं, जिनका प्रस्ताव सबसे पहले जून में दिया गया था.

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