New Delhi: अमेरिका और वियतनाम के बीच व्यापार वार्ताएं लगातार जारी है. इसी बीच अमेरिकी कस्टम अधिकारियों ने वियतनाम में चीन से जुड़े कई कारखानों का औचक निरीक्षण किया है. इस कार्रवाई ने दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव को और बढ़ा दिया है तथा नए अमेरिकी टैरिफ लगाए जाने की आशंका तेज कर दी है. अमेरिकी अधिकारियों ने फैक्ट्रियों के उत्पादन रिकॉर्ड, कच्चे माल के स्रोत, निर्माण प्रक्रिया और बौद्धिक संपदा (IP) नियमों की जांच की.
Made in Vietnam का लेबल लगाया
उनका उद्देश्य यह पता लगाना था कि वियतनाम से अमेरिका भेजे जाने वाले उत्पाद वास्तव में वहीं तैयार किए जाते हैं या केवल चीन से लाकर उन पर Made in Vietnam का लेबल लगाया जाता है. अमेरिका का आरोप है कि कुछ चीनी कंपनियां अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए अपने उत्पाद वियतनाम भेजती हैं, जहां मामूली बदलाव के बाद उन्हें वियतनामी उत्पाद बताकर अमेरिका निर्यात किया जाता है.
अवैध ट्रांसशिपमेंट का ठोस सबूत नहीं मिला
हालांकि अब तक ऐसी किसी बड़े पैमाने की अवैध ट्रांसशिपमेंट का ठोस सबूत नहीं मिला है. वियतनाम ने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां व्यापक स्तर पर नहीं हो रही हैं. वॉशिंगटन और हनोई के बीच व्यापक व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन ट्रांसशिपमेंट नियम, गैर-टैरिफ बाधाएं और बौद्धिक संपदा संरक्षण जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद बने हुए हैं. अमेरिका चाहता है कि वियतनाम गैर-टैरिफ बाधाएं कम करे.ट्रांसशिपमेंट पर सख्त नियंत्रण लगाए. अमेरिकी कंपनियों की बौद्धिक संपदा की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करे.
वियतनाम पर अतिरिक्त टैरिफ
अमेरिका फिलहाल वियतनाम के खिलाफ Section 301 के तहत तीन अलग-अलग जांच भी कर रहा है. इनमें अत्यधिक विनिर्माण क्षमता, बौद्धिक संपदा संरक्षण और व्यापारिक प्रथाओं की जांच शामिल है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन जांचों में अमेरिका को नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलते हैं तो वियतनाम पर अतिरिक्त टैरिफ लगाए जा सकते हैं, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक संबंध और तनावपूर्ण हो सकते हैं.
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