Weight-Loss Drugs: अक्टूबर 2025 से भारत में मोटापे को कम करने वाली दवाओं की बिक्री शुरू हुई, लेकिन बिक्री की मंजूरी से पहले ही बाजार इन दवाओं को बेचने के लिए तैयार था और लोग खरीदने को. इसकी वजह भी थी. कई सेलीब्रिटीज जैसे करण जौहर, राम कपूर आदि के वजन कम होने के पीछे इन GLP-1 दवाओं को ही बताया जा रहा था. हालांकि अब इन दवाओं से होने वाले साइड इफेक्ट पर चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसमें बाल झड़ने, नाखूनों के कमजोर होकर त्वचा से अलग होने और उनका रंग बदलने जैसी समस्याओं से भी है.
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यह रिसर्च मोटापा कम करने वाली GLP-1 दवाओं जैसे ओजेम्पिक (Ozempic), वेगोवी (Wegovy) और मॉनजारो (Mounjaro) पर हुई. इनका इस्तेमाल टाइप-2 डायबिटीज के इलाज और वजन घटाने के लिए किया जाता है. ये दवाएं भूख कम करने और पेट भरा होने का एहसास बढ़ाने में मदद करती हैं, जिससे व्यक्ति कम खाना खा सकता है और उसका वजन घट सकता है.
BBC साइंस फोकस की रिपोर्ट के अनुसार, रिसर्चरों ने फ्रांस, अमेरिका, ब्राजील और मैक्सिको के 1,900 से अधिक लोगों के आंकड़ों का अध्ययन किया. इनमें से 575 लोग ऐसे थे जो GLP-1 दवाएं ले रहे थे. जबकि बाकी लोगों को मोटापा या टाइप-2 डायबिटीज तो था लेकिन उन्होंने ये दवाएं नहीं ली थीं. शुरुआती नतीजों के मुताबिक, दवा लेने वाले लोगों में नाखूनों से जुड़ी समस्याएं ज्यादा देखने को मिलीं. हालांकि, यह रिसर्च अभी किसी वैज्ञानिक जर्नल में विशेषज्ञों की समीक्षा यानी पीयर रिव्यू से नहीं गुजरी है. इसलिए इसके नतीजों को शुरुआती सबूत के तौर पर ही देखा जा रहा है. इसपर और रिसर्च होनी चाहिए.
रिपोर्ट के मुताबिक, GLP-1 दवाएं लेने वाले 66 प्रतिशत लोगों ने नाखूनों से जुड़ी कम से कम एक समस्या बताई. वहीं, दवा नहीं लेने वाले लोगों में यह आंकड़ा 53 प्रतिशत था. नाखूनों का रंग बदलना एक आम समस्या रही. दवा लेने वाले 46% लोगों ने नाखूनों का रंग बदलने की शिकायत की, जबकि दवा नहीं लेने वालों में यह आंकड़ा 17% ही था. स्टडी में दवा लेने वालों के नाखून त्वचा से अलग होने की आशंका भी 4 गुने से ज्यादा पाई गई. उम्र, लिंग, देश और मेडिकल हिस्ट्री जैसे कारकों को ध्यान में रखने के बाद भी यह समस्या दवा लेने वाले समूह में ज्यादा दिखी.
इसका एक संभावित कारण तेजी से वजन घटना और कम खाना खाना भी हो सकता है. दरअसल, जब कोई व्यक्ति बहुत तेजी से वजन घटाता है, तो उसकी डाइट में प्रोटीन, आयरन और जिंक जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है. ये पोषक तत्व बालों और नाखूनों की सामान्य ग्रोथ के लिए जरूरी हैं. यानी ऐसा भी हो सकता है कि यह समस्या दवा का साइड-इफेक्ट नहीं, बल्कि दवा के कारण भूख कम होने, कम न्यूट्रिशन मिलने या तेजी से वजन घटने की वजह से हो.
इसके अलावा, इसी समूह के लोगों पर एक दूसरी स्टडी भी हुई. इनमें बाल झड़ने की समस्या देखी गई. रिपोर्ट के अनुसार, GLP-1 दवाएं लेने वाले 26 प्रतिशत लोगों ने नए सिरे से बाल झड़ने की शिकायत की, जबकि दवा नहीं लेने वालों में यह आंकड़ा 12% था. कुछ लोगों में बाल झड़ने के साथ सिर की त्वचा में खुजली, रेडनेस और पपड़ी जैसी समस्याएं भी देखी गईं. लेकिन इस मामले में भी और रिसर्च की जरूरत है.
रिसर्च में कहा गया कि ये परिणाम देखकर खुद-ब-खुद दवाएं बंद नहीं करनी चाहिए. दरअसल GLP-1 दवाएं अभी बेहद नई हैं और इनपर अभी जरूरी शोध नहीं हुए हैं. ऐसे में इन दवाओं को लेते वक्त बहुत जरूरी है कि डॉक्टरी जांच और निगरानी बनी रही. शोधकर्ताओं ने अभी केवल दवाओं के इस्तेमाल और बालों-नाखूनों की समस्याओं के बीच संबंध देखा है, यह साबित नहीं किया कि दवाएं ही इन समस्याओं का कारण हैं. अगर दवा लेने के बाद बाल तेजी से झड़ने लगें, नाखूनों का रंग बदलने लगे या नाखून त्वचा से अलग होने लगें, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.