New Delhi: सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के बंदरगाह शहर मुकल्ला पर भारी हवाई हमला किया. हमले के तुरंत बाद सऊदी समर्थित यमन की राष्ट्रपति परिषद (PLC) ने UAE के साथ सुरक्षा समझौता रद्द कर दिया और अमीराती सेना को 24 घंटे के भीतर यमन छोड़ने का अल्टीमेटम दे दिया. सऊदी अरब के लिए यह रेड लाइन इसलिए भी अहम है क्योंकि STC हाल के हफ्तों में तेल-समृद्ध हदरमौत और महरा प्रांतों पर कब्जा कर चुका है जो सऊदी अरब और ओमान की सीमाओं से सटे हैं. रियाद इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सीधा खतरा मानता है.
UAE पर दक्षिण यमन समर्थक गुटों का झुकाव रखने के आरोप
बता दें कि सऊदी अरब एकीकृत यमन चाहता है जबकि UAE पर दक्षिण यमन समर्थक गुटों का झुकाव रखने के आरोप लगते रहे हैं. इस वक्त मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से तनावपूर्ण होते जा रहे हैं. तनाव की खबर के बाद खाड़ी देशों के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है. निवेशकों को आशंका है कि यदि दो बड़े तेल उत्पादक और सहयोगी देश आमने-सामने आते हैं तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ सकता है.
UAE से जुड़ी हथियारों की खेप थी निशाना
चौंकाने वाली बात यह रही कि इस कार्रवाई का निशाना ईरान समर्थित हूती विद्रोही नहीं बल्कि कथित तौर पर UAE से जुड़ी हथियारों की खेप थी. सऊदी अरब का आरोप है कि UAE के फुजैराह बंदरगाह से आए दो जहाज बिना अनुमति मुकल्ला पहुंचे, जिन्होंने अपना ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर रखा था. रियाद के अनुसार इन जहाजों के जरिए साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल के अलगाववादियों के लिए हथियार और बख्तरबंद वाहन उतारे जा रहे थे. सऊदी वायुसेना ने पहले नागरिकों को इलाका खाली करने की चेतावनी दी और फिर हथियारों के जखीरे को नष्ट कर दिया.
सऊदी संप्रभुता के सम्मान की बात दोहराई
दूसरी ओर UAE ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि जहाजों में हथियार नहीं बल्कि आतंकवाद-रोधी टुकड़ियों के लिए वाहन थे. अबू धाबी ने सऊदी संप्रभुता के सम्मान की बात दोहराई और तनाव कम करने के संकेत देते हुए यमन से अपनी बची हुई सेना वापस बुलाने की घोषणा की है. क्षेत्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि यह टकराव सिर्फ यमन तक सीमित नहीं है. UAE-इजरायल संबंधों (अब्राहम समझौता) और लाल सागर-बाब अल-मंडेब जैसे रणनीतिक समुद्री मार्गों पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने हालात को और जटिल बना दिया है.
इसे भी पढ़ें. Ayodhya: सनातन धर्म से ऊपर कोई नहीं, कुछ लोगों ने अयोध्या से षड्यंत्र किया: CM योगी

