देश सेवा के लिए जरूरी नहीं है हम सीमा पर जाकर लड़ें, भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेंद्र राय ने भगवान बुद्ध को यादकर कही ये बात

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Independence Day 2023: आज देश अपनी आजादी का 77वां वर्ष मना रहा है. पूरा देश 77वें स्वतंत्रता दिवस पर देशभक्ति के रंग में सराबोर है. 15 अगस्त के खास मौके पर भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क में भव्य स्वंतत्रता समारोह का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम की शुरुआत भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के सीएमडी और चेयरमैन उपेंद्र राय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया. उन्होंने देश की आजादी के नायकों को याद करते हुए तिरंगा फहराया.

“देश सेवा के लिए जरूरी नहीं है कि हम सीमा पर जाकर लड़ें”
भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के चेयरमैन उपेंद्र राय ने अपने संबोधन के दौरान कहा, ‘भारत एक्सप्रेस’ न्यूज नेटवर्क अपनी टैगलाइन ‘सत्य साहस और समर्पण’ की भावना के साथ पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ कार्य करते हुए आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा, देश सेवा के लिए जरूरी नहीं है कि हम सीमा पर जाकर लड़ें या फिर किसी बड़े पद पर रहकर ही ये काम करें, इसके लिए हम जहां खड़े हैं या फिर जो कर रहे हैं. उससे भी अपने देश की सेवा कर राष्ट्र को आगे बढ़ने में और समाज को एक नई दिशा देने में अपना योगदान दे सकते हैं. ये कोई छोटा काम भी हो सकता है.

नशे से मुक्त होने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति की जरूरत- उपेंद्र राय
सीएमडी उपेंद्र राय ने नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं को भी संदेश दिया. उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति नशे की जंजीरों में जकड़ा हुआ है, तो उसे ये कभी नहीं समझना चाहिए कि उससे मुक्त होने के रास्ते नहीं हैं. इसके लिए हमारे अंदर इच्छाशक्ति होनी चाहिए. एक दृढ़ संकल्प और आगे बढ़ने का साहस होना चाहिए. जो हमारे अंदर पहले से मौजूद है. बस उस साहस को पहचानने की जरूरत है.

उन्होंने कहा, अगर हम नशे के आदी हो चुके हैं या फिर किसी ऐसी चीज से घिरे हुए हैं, जो हमें और इस समाज को आगे बढ़ने में बाधा उत्पन्न कर रहा है तो उसे लड़ने के बजाय हमें उससे बड़े लक्ष्यों को साधना चाहिए. चेयरमैन उपेंद्र राय ने कहा, जब हम किसी बड़े लक्ष्य की तरफ अपना पूरा फोकस रखते हैं तो उससे छोटी चीजें अपने आप ही हारने लगती हैं.

आजादी के इस पावन अवसर पर उन्होंने वृक्षारोपण भी किया. इस दौरान उन्होंने लोगों से वृक्षारोपण कर देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने को कहा.

उपेंद्र राय ने भगवान बुद्ध का अपने संबोधन में जिक्र करते हुए कहा कि ”मैं भगवान बुद्ध को इसलिए मानता हूं क्योंकि वे कभी ये नहीं कहते कि उनकी कही बातों को ही माना जाए. भगवान बुद्ध कहते हैं कि जरूरी नहीं है, जो हमने कहा वो सही हो, या फिर उसे लोग मानें ही, जो बात आपकी बुद्धि की कसौटी पर खरा उतरती है आप वही अपने जीवन में उतारें. जिन बातों से आपके जीवन के रास्तों में आगे बढ़ने में मदद मिलती हो उसी को आत्मसात करें ना कि किसी दूसरे की कही बातों को सत्य समझकर अपना लें.

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