HealthTips: घर का खाना खाने के बाद ज्यादा प्यास नहीं लगती जबकि बाहर का खाना खाते ही बार-बार पानी पीने का मन करने लगता है. कई बार तो खाना खत्म होते ही गला सूखने लगता है. इसके पीछे बडी वजह है जो हम सभी को जानना बेहद जरूरी है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि इसका कारण सिर्फ स्वाद नहीं बल्कि बाहर के खाने में इस्तेमाल होने वाली चीजें होती हैं, जो शरीर पर सीधा असर डालती हैं.
बाहर का खाना सीमित मात्रा में खाने की सलाह
एक्सपर्ट्स बाहर का खाना सीमित मात्रा में खाने की सलाह देते हैं. साथ ही बताते हैं कि बहुत ज्यादा नमक और मसाले वाले फूड से बचें खाने के साथ या बाद में छाछ लें. दिनभर पर्याप्त पानी भी पिएं. घर में बना खाना सीमित नमक, तेल और मसालों से तैयार किया जाता है, जो शरीर के लिए हल्का और फायदेमंद होता है. वहीं बाहर का खाना स्वाद बढ़ाने के लिए ज्यादा नमक, मसाले और तेल से बनाया जाता है.
बाहर के खाने में नमक की मात्रा बहुत ज्यादा
यही वजह है कि बाहर का खाना शरीर को पोषण देने की बजाय थकान और सुस्ती महसूस कराता है. बाहर के खाने में सोडियम (नमक) की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. प्रोसेस्ड आटा, रेडी मसाले और स्वाद बढ़ाने वाले तत्वों में नमक अधिक होता है. जब शरीर में नमक ज्यादा पहुंचता है तो फ्लुइड बैलेंस बिगड़ जाता है. इसे संतुलित करने के लिए शरीर दिमाग को संकेत देता है कि ज्यादा पानी की जरूरत है. इसी वजह से बाहर का खाना खाने के बाद बार-बार प्यास लगती है.
शरीर को ज्यादा पानी की जरूरत
बाहर का खाना अक्सर तेल से भरपूर और भारी होता है. ऐसे भोजन को पचाने में शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. खासकर तला-भुना या ज्यादा प्रोटीन वाला खाना पचाने के लिए शरीर को ज्यादा पानी की जरूरत होती है. यही कारण है कि पूड़ी, पकौड़े या ज्यादा ऑयली फूड खाने के बाद पूरे दिन प्यास लगती रहती है और पेट भी भारी महसूस होता है.
छाछ पीना ज्यादा फायदेमंद
अगर बाहर का खाना खाने के बाद बहुत ज्यादा प्यास लग रही है तो सिर्फ सादा पानी पीना हर बार पर्याप्त नहीं होता. ऐसे में छाछ (बटरमिल्क) पीना ज्यादा फायदेमंद रहता है. छाछ न सिर्फ प्यास बुझाती है बल्कि पाचन को भी बेहतर बनाती है और शरीर को ठंडक देती है.
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