यूएन में भी UCC लागू कराएगा भारत, इन देशों ने किया सपोर्ट

Raginee Rai
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UCC in UN: जिस यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) पर देश में बवाल मचा हुआ है, उसे भारत संयुक्त राष्ट्र में भी लागू कराएगा. इसके लिए भारत को तीन देशों का साथ भी मिला है. दरअसल, भारत ने संशोधित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रतिनिधित्व के आधार के तौर पर धर्म और आस्था जैसे नए मानदंडों को शामिल करने के प्रयासों की आलोचना की है. उसने कहा है कि यह क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के स्वीकृत आधार के पूरी तरह विपरीत है.

यूएन में भारत ने कहा…

यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पी हरीश ने कहा प्रतिनिधित्व के लिए धर्म और आस्था जैसे नए मानदंडों को आधार बनाने की कोशिश क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के बिल्कुल विपरीत है, जो संयुक्त राष्ट्र में प्रतिनिधित्व के लिए स्वीकृत आधार रहा है.

टिप्पणी करने से पहले हरीश ने जी-4 देशों ब्राजील, जापान, जर्मनी और भारत की ओर से एक वक्तव्य दिया, जिसमें समूह ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व एक स्वीकृत प्रथा है, जो यूएन में समय की कसौटी पर खरी उतरी है. उन्होंने कहा कि ऐसे तर्क कि विस्तारित एवं नई सुरक्षा परिषद प्रभावी नहीं होगी, वास्तविक सुधारों को रोकने की कोशिश है. हरीश ने कहा कि उचित कार्य पद्धतियों और जवाबदेही तंत्र युक्त नई परिषद अहम वैश्विक मुद्दों पर सार्थक ढंग से काम करने में सक्षम होगी.

जी4 ने क्या कहा?

G4 ने कहा कि वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र का स्वरूप एक अन्य युग का है, वह अब मौजूद नहीं है और वर्तमान की भू-राजनीतिक परिस्थितियां इस स्वरूप की समीक्षा की मांग करती हैं. वर्तमान में सुरक्षा परिषद में 5 स्थायी सदस्य चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका है. शेष दस सदस्यों को दो साल के कार्यकाल के लिए गैर-स्थायी सदस्यों के तौर पर चुना जाता है. भारत पिछली बार 2021-22 में गैर-स्थायी सदस्य के तौर पर परिषद में शामिल हुआ था.

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