India-EU FTA: भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को लेकर बड़ी उम्मीदें जताई जा रही हैं. भारत में लिथुआनिया की राजदूत डायना मिकेविचिएने ने इसे ‘गेम चेंजर’ बताते हुए कहा है कि इस समझौते से भारत और यूरोपीय संघ के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा. समाचार एजेंसी आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में मिकेविचिएने ने कहा कि यह एफटीए भारत और यूरोपीय संघ के बीच नई पीढ़ी के जुड़ाव के लिए एक अहम आधार बनेगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस साल के आखिर तक समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे.
2027 में लागू होने की उम्मीद
लिथुआनियाई राजदूत ने बताया कि जनवरी से जून 2027 तक लिथुआनिया के पास यूरोपियन यूनियन की काउंसिल की प्रेसिडेंसी होगी. उन्होंने कहा कि इस बात की बहुत अधिक संभावना है कि लिथुआनिया की अध्यक्षता के दौरान भारत-ईयू एफटीए लागू और चालू हो जाएगा. उन्होंने कहा कि लिथुआनिया इसे सच करने के लिए कड़ी मेहनत करेगा. मिकेविचिएने के मुताबिक, यह समझौता लिथुआनिया की ईयू प्रेसिडेंसी की मुख्य उपलब्धियों में से एक होगा और भारत-ईयू के मजबूत संबंधों के लिए अहम आधारशिला बनेगा.
सामान और सेवाओं तक पहुंच पर बना संतुलन
राजदूत ने भारत और ईयू दोनों के लिए इस समझौते को एक बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के सामान और सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाने और उन क्षेत्रों की सुरक्षा करने के बीच सही संतुलन बनाया है जो महत्वपूर्ण हैं और जिन पर जोखिम हो सकता है.
उन्होंने आईएएनएस से कहा, “यह भारत और ईयू दोनों के लिए एक बड़ी जीत है क्योंकि उन्होंने एक-दूसरे के सामान और सेवाओं तक पहुंच को बढ़ाने और आसान बनाने के साथ-साथ उन क्षेत्रों की सुरक्षा करने के बीच सही संतुलन बना लिया है जो महत्वपूर्ण हैं और जिन पर दोनों तरफ जोखिम हो सकता है.”
‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताया
मिकेविचिएने ने इस समझौते को ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताया है. उनके मुताबिक, इसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों की नई पीढ़ी के लिए एक ब्लूप्रिंट के तौर पर देखा जा रहा है. इससे भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापारिक संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. दोनों पक्षों के लिए बाजार पहुंच आसान बनाने के साथ-साथ संवेदनशील और महत्वपूर्ण क्षेत्रों के हितों को सुरक्षित रखने पर भी ध्यान दिया गया है.
भारत-लिथुआनिया के बीच भी बढ़ रहा व्यापार
भारत और लिथुआनिया के आर्थिक संबंधों पर बात करते हुए राजदूत ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ रहा है और सामान एवं सेवाओं का लगातार आदान-प्रदान हो रहा है. उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार अब पारंपरिक उत्पादों तक सीमित नहीं है. कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और डिजिटल उपकरणों का व्यापार भी दोनों तरफ से बढ़ रहा है.
AI और नई तकनीकों में सहयोग की संभावना
लिथुआनियाई राजदूत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नई तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी जोर दिया. उन्होंने बताया कि लिथुआनिया में इस क्षेत्र में काम करने वाली कंपनियां मौजूद हैं और वहां भारतीय आईटी टैलेंट भी काम कर रहा है. इससे भारत और लिथुआनिया के बीच तकनीक, AI और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग के लिए भी नए अवसर सामने आने की संभावना दिखाई देती है.
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