मध्य पूर्व संकट के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं, जबकि पाकिस्तान और नेपाल में कीमतों में 40 प्रतिशत तक उछाल आया है. सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए कीमतें नहीं बढ़ाईं.
मार्च 2026 में भारत की बाहरी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रही. व्यापार घाटा घटा, निर्यात बढ़ा और आयात में कमी आई. सर्विस सेक्टर ने अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा दिया.
तेजस नेटवर्क्स के शेयर में गिरावट आई है, क्योंकि कंपनी ने लगातार पांचवीं तिमाही में घाटा दर्ज किया है. पूरे साल में 909 करोड़ रुपए का नुकसान और राजस्व में भारी गिरावट ने निवेशकों को चिंता में डाल दिया है.
भारत का व्यापारिक घाटा मार्च 2026 में घटकर 20.67 अरब डॉलर हो गया है. निर्यात में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि और आयात में गिरावट से अर्थव्यवस्था को राहत मिली है. कच्चे तेल की रणनीति और वैश्विक हालात के बीच यह बड़ा बदलाव देखा गया है.
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत के निर्यात में 4.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और कुल आंकड़ा 860 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है. सेवा क्षेत्र ने सबसे ज्यादा योगदान दिया है, जबकि कई देशों में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ी है.
सरकार ने MSME सेक्टर को बड़ा सहारा देते हुए 92,000 करोड़ रुपए की गारंटी मंजूर की है. इसके साथ ही बिना गारंटी लोन की सीमा बढ़ाकर 20 लाख कर दी गई है. नए रजिस्ट्रेशन, बढ़ते कर्ज और डिजिटल फाइनेंसिंग में उछाल से सेक्टर में तेजी देखने को मिल रही है.