सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार सपाट शुरुआत के साथ खुला. सेंसेक्स और निफ्टी में हल्की गिरावट देखने को मिली, जबकि विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर बाजार पर दिखाई दिया.
वैश्विक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है. इस गिरावट के चलते HDFC बैंक समेत कई बड़ी कंपनियों का मार्केटकैप अरबों रुपये घट गया.
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में निफ्टी 500 कंपनियों के मुनाफे में 16% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. बजाज फिनसर्व एएमसी की रिपोर्ट के अनुसार यह पिछले आठ तिमाहियों की सबसे मजबूत वृद्धि है.
Sensex opening bell: कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन यानी शुक्रवार को कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार की गिरावट के साथ शुरुआत हुई. इस दौरान सेंसेक्स 590.20 अंक या 0.78 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 75,444.22 और...
वैश्विक तनाव के बीच घरेलू कमोडिटी बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली. एमसीएक्स पर सोना 1.62 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच गया, जबकि चांदी में 5,900 रुपये से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई.
मुंबई में कमर्शियल LPG की कमी के कारण रेस्टोरेंट इंडस्ट्री पर संकट गहरा गया है. करीब 40 प्रतिशत रेस्टोरेंट प्रभावित हुए हैं, जिनमें से कई बंद हो गए हैं और कई ने अपने मेन्यू में कटौती कर दी है.
Sensex opening bell: मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला. सुबह 9:19 पर सेंसेक्स 963 अंक या 1.25 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 75,899 और निफ्टी 303...
कॉलियर्स की रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में भारत में रियल एस्टेट निवेश 29% बढ़ा है. एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत तेजी से उभरता हुआ निवेश बाजार बन गया है.
एलपीजी की संभावित कमी की खबरों के बीच ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर इलेक्ट्रिक इंडक्शन चूल्हों की मांग तेजी से बढ़ रही है. इसके चलते होम अप्लायंसेज बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में भी उछाल देखा गया.