भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) की रिपोर्ट में कहा गया है कि औद्योगिक जमीन तक आसान पहुंच और पारदर्शिता की कमी भारत के मैन्युफैक्चरिंग हब बनने में बड़ी बाधा बनी हुई है.
अमेरिका-ईरान वार्ता, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों के Q4 नतीजे अगले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे. निवेशकों की नजर इन बड़े फैक्टर्स पर रहेगी.
भारत का बैंकिंग सेक्टर मजबूत स्थिति में बना हुआ है. सर्वे में 11–13% क्रेडिट ग्रोथ का अनुमान जताया गया है, जबकि MSME और रिटेल सेक्टर ग्रोथ के प्रमुख स्तंभ बने रहेंगे.
मध्य पूर्व संकट के बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं, जबकि पाकिस्तान और नेपाल में कीमतों में 40 प्रतिशत तक उछाल आया है. सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए कीमतें नहीं बढ़ाईं.
मार्च 2026 में भारत की बाहरी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रही. व्यापार घाटा घटा, निर्यात बढ़ा और आयात में कमी आई. सर्विस सेक्टर ने अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा दिया.
तेजस नेटवर्क्स के शेयर में गिरावट आई है, क्योंकि कंपनी ने लगातार पांचवीं तिमाही में घाटा दर्ज किया है. पूरे साल में 909 करोड़ रुपए का नुकसान और राजस्व में भारी गिरावट ने निवेशकों को चिंता में डाल दिया है.
ईरान के होर्मुज और केश्म द्वीप अपनी रंगीन मिट्टी के साथ-साथ अनोखी परंपराओं के लिए मशहूर हैं. यहां ‘जार’ हवा और जिन्नों के डर से महिलाएं खास नकाब पहनती हैं.