भारत का व्यापारिक घाटा मार्च 2026 में घटकर 20.67 अरब डॉलर हो गया है. निर्यात में 6.3 प्रतिशत की वृद्धि और आयात में गिरावट से अर्थव्यवस्था को राहत मिली है. कच्चे तेल की रणनीति और वैश्विक हालात के बीच यह बड़ा बदलाव देखा गया है.
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत के निर्यात में 4.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और कुल आंकड़ा 860 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है. सेवा क्षेत्र ने सबसे ज्यादा योगदान दिया है, जबकि कई देशों में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ी है.
सरकार ने MSME सेक्टर को बड़ा सहारा देते हुए 92,000 करोड़ रुपए की गारंटी मंजूर की है. इसके साथ ही बिना गारंटी लोन की सीमा बढ़ाकर 20 लाख कर दी गई है. नए रजिस्ट्रेशन, बढ़ते कर्ज और डिजिटल फाइनेंसिंग में उछाल से सेक्टर में तेजी देखने को मिल रही है.
देश की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली भारतीय रेल ने FY25-26 में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं. सरकार द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान कुल 741 करोड़ यात्रियों ने रेल यात्रा की, जो...
Delhi Electric Vehicle Policy: दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई नई नीति (2024-2030) ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है. इस नीति के लागू होने के बाद इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में तेज...
Sensex Opening Bell: भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बुधवार को बड़ी तेजी के साथ हुई. सेंसेक्स 1,133.53 अंक या 1.48 प्रतिशत की मजबूती के साथ 77,981.10 और निफ्टी 321.15 अंक या 1.35 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,163.80 पर...
ईरान के होर्मुज और केश्म द्वीप अपनी रंगीन मिट्टी के साथ-साथ अनोखी परंपराओं के लिए मशहूर हैं. यहां ‘जार’ हवा और जिन्नों के डर से महिलाएं खास नकाब पहनती हैं.