UP Bulldozer Action: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के मुगलसराय में शुक्रवार को जो कुछ हुआ, वह सिर्फ एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं थी, बल्कि उसने पूरे इलाके की सियासत और माहौल दोनों को एक साथ झकझोर कर रख दिया. सड़क चौड़ीकरण के नाम पर शुरू हुआ बुलडोजर अभियान जब दूसरे दिन भी जारी रहा, तो उसके शोर के साथ-साथ लोगों के दिलों में डर और गुस्से की आवाज भी साफ सुनाई देने लगी. सुबह से ही इलाके में भारी पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया था. दुकानों के बाहर खड़े लोग, अपने सामान को बचाने की जद्दोजहद करते व्यापारी और धूल के गुबार के बीच चलती जेसीबी मशीनें—यह दृश्य किसी आम दिन का नहीं, बल्कि एक बड़े बदलाव और टकराव का संकेत दे रहा था.
जब सपा दफ्तर तक पहुंचा बुलडोजर, बढ़ी सियासी हलचल
इस पूरे अभियान में सबसे ज्यादा चर्चा उस वक्त शुरू हुई, जब सड़क चौड़ीकरण के नक्शे में शामिल समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय के हिस्से पर बुलडोजर चल गया. जैसे ही मशीनें सपा दफ्तर के सामने पहुंचीं, वहां मौजूद लोगों और समर्थकों के बीच हलचल बढ़ गई. कुछ ही मिनटों में यह चर्चा पूरे इलाके में फैल गई कि ‘सपा के दफ्तर पर बुलडोजर चल गया’. हालांकि प्रशासन ने इसे पूरी तरह विकास कार्य का हिस्सा बताया और कहा कि यह कार्रवाई किसी राजनीतिक पक्षपात के बिना की जा रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर लोग इसे अलग नजरिए से देख रहे हैं. कई लोग इसे ‘सपा के दफ्तर पर बीजेपी का बुलडोजर’ कहकर जोड़ रहे हैं, जिससे सियासी बहस और तेज हो गई है. बुलडोजर ने दफ्तर के सामने बने अतिक्रमण, दुकानों और अस्थायी निर्माणों को हटाते हुए रास्ता साफ कर दिया.
250 मकानों पर कार्रवाई, पहले ही जारी हो चुका था नोटिस
इस पूरे अभियान की तैयारी पहले से की गई थी. लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के अनुसार, सड़क चौड़ीकरण के इस प्रोजेक्ट में करीब 250 भवनों को चिह्नित किया गया था. इन सभी भवन स्वामियों को पहले ही नोटिस देकर स्पष्ट कर दिया गया था कि वे खुद अपने अतिक्रमण को हटा लें. लेकिन जब तय समय सीमा के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तब प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए बुलडोजर चलाने का फैसला किया. शुक्रवार को जब तीन-तीन जेसीबी मशीनें सब्जी मंडी के पास पहुंचीं, तो लोगों में हड़कंप मच गया. कई दुकानदार जल्दबाजी में अपना सामान समेटते नजर आए, तो कुछ लोग अपने सामने ही अपनी मेहनत की कमाई को मलबे में बदलते देखते रहे.
छावनी में बदला इलाका, चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात
कार्रवाई के दौरान किसी भी तरह के विरोध या टकराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया. मौके पर एसडीएम, सीओ, नगर पालिका ईओ समेत कई अधिकारी मौजूद रहे. इसके साथ ही पीएसी और भारी पुलिस बल को तैनात किया गया, जिससे पूरा इलाका छावनी में तब्दील हो गया. हर गली और चौराहे पर पुलिस की मौजूदगी ने साफ कर दिया था कि प्रशासन इस कार्रवाई को किसी भी कीमत पर बिना रुकावट पूरा करना चाहता है.
सब्जी मंडी से सपा दफ्तर तक चला अभियान
कार्रवाई के दूसरे दिन प्रशासन ने दक्षिणी पटरी पर फोकस किया. सब्जी मंडी के पास से शुरू हुआ बुलडोजर अभियान धीरे-धीरे सपा कार्यालय तक पहुंच गया. इस दौरान दुकानों के शटर गिराए गए, अवैध छज्जे तोड़े गए और सड़क किनारे बने कई निर्माणों को हटाया गया. प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य सड़क को मानक के अनुसार चौड़ा करना है, ताकि मुगलसराय में लंबे समय से चली आ रही ट्रैफिक समस्या से लोगों को राहत मिल सके.
नोटिस के बावजूद नहीं हटाया अतिक्रमण, तब चला बुलडोजर
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भवन स्वामियों को पर्याप्त समय दिया गया था. नोटिस के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तब जाकर बल प्रयोग करना पड़ा. ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई से धूल का गुबार और मलबे का ढेर सड़कों पर लगा रहा, जिससे राहगीरों को भी आवाजाही में परेशानी हुई.
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