युवक की मौत के बाद कार्डियोलॉजिस्ट ने दी चेतावनी! क्या शराब पीने के बाद कफ सिरप लेने से गई जान..?

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Bihar: बिहार के दरभंगा जिले में 42 साल के सतन जी पाठक की शराब पीने के बाद कफ सिरप लेने से मौत हो गई. कुछ देर बाद मरीज को सीवर हार्ट अटैक आया और सांसें थम गई. अस्पताल ले जाया गया लेकिन रास्ते में ही दम तोड़ दिया. जानकारी के मुताबिक, सतन जी पहले से शराब पीने के आदी थे. वह अक्सर शराब पीने के बाद बेहोश हो जाया करते थे, फिर घंटों बाद सुध-बुध लौटता था और फिर सामान्य दिनचर्या में वापस आ जाता था.

शराब पी और फिर हो गया बेहोश

गुरुवार दोपहर अपनी आदत के अनुसार उसने शराब पी और फिर बेहोश हो गया. बेहोशी के आलम में उसे काफी खांसी और सांस की नली से घरघराहट होने लगी. घर वालों को लगा कि हमेशा की तरह का ही वाकया है. इसलिए यूं ही छोड़ दिया. जब देर तक होश नहीं आया तो घर वालों ने 3-4 ढक्कन कप सिरप पिला दिया ताकि खांसी कम हो जाए, लेकिन यही बहुत बड़ी भूल साबित हो गई.

आमतौर पर बढ़ जाता है लोगों का हार्ट बीट

फोर्टिस अस्पताल नई दिल्ली में कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर और मशहूर इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्ट डॉ. नित्यानंद त्रिपाठी ने बताया कि शराब पीने के बाद आमतौर पर लोगों का हार्ट बीट बढ़ जाता है. यानी धड़कनें बहुत तेज हो जाती है. इसे एरीदिमिया कहा जाता है. ऐसे लोग शराब पीने के दौरान हमेशा खतरे में रहते हैं. लेकिन मुश्किल तब और ज्यादा हो जाती है जब कोई व्यक्ति अल्कोहल लेने के बाद बेहोश हो जाता है और उसे मुंह से कुछ पिला दिया जाता है.

इस केस में कई चीजें हुई एक साथ

जैसा कि इस व्यक्ति के साथ हुआ. इस केस में कई चीजें एक साथ हुई होगी. शराब पीने के बाद जब धड़कन बहुत तेज होती है तो उसे मेडिकल टर्म में एरीदिमिया कहा जाता है. एरीदिमिया से वेंट्रिकुलर ट्रैकियोकार्डिया और वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन हो सकता है. चूंकि मरीज पहले से बेहोश था और उसी हालत में उसे कफ सिरप दिया गया. यह कफ सिरप सांस की नली में अटक गया होगा, जिसकी वजह से सांस की नली जाम हो गई होगी. इससे ऑक्सीजन हार्ट तक नहीं पहुंची होगी.

निचले चैंबर में धड़कनें बहुत तेज

जब सांस की नली बंद हो जाए और हार्ट में ऑक्सीजन नहीं पहुंचे तो मरीज में हार्ट के निचले चैंबर में धड़कनें बहुत तेज हो जाती है. यानी हार्ट इतनी तेजी से धड़कता है कि उसे खून को भरने के लिए समय ही नहीं मिलता. जब शरीर में खून की सप्लाई कम हो जाती है तो मरीज को हार्ट अटैक आ जाता है. तत्काल मौत की वजह यही हो सकती है.

धड़कन के बजाय कपकपी

दूसरी स्थिति में वेंट्रिकुलर फिब्रिलेशन हुआ होगा. इसमें धड़कन के बजाय कपकपी होने लगती है. इसमें हार्ट में बिजली के संकेत पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो जाते हैं. हार्ट को कोई स्पष्ट कमांड नहीं मिलता. इसमें दिल के निचले हिस्से की मांसपेशियां सिर्फ फड़फड़ाने लगती हैं. हार्ट में पंपिंग पूरी तरह से रूक जाती है. इसकी वजह से खून दिमाग में बिल्कुल नहीं पहुंचता. व्यक्ति तुरंत बेहोश हो जाता है और सांसें रूक जाती है.

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