India Export News: वैश्विक स्तर पर बढ़ती आर्थिक अनिश्चितताओं, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और सप्लाई चेन पर पड़ रहे असर के बीच भारत के निर्यात क्षेत्र से एक मजबूत और सकारात्मक संकेत सामने आया है. वित्त वर्ष 2025-26 के ताजा आंकड़े बताते हैं कि भारत ने न केवल अपनी निर्यात क्षमता को बनाए रखा, बल्कि उसमें वृद्धि भी दर्ज की है. यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं निर्यात में गिरावट का सामना कर रही हैं. ऐसे माहौल में भारत का निर्यात बढ़ना यह दर्शाता है कि देश धीरे-धीरे वैश्विक व्यापार में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और विविध क्षेत्रों में अपनी पकड़ बना रहा है.
कुल निर्यात में बढ़ोतरी, 860 अरब डॉलर पार
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात (सामान और सेवाएं मिलाकर) 4.22 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 860.09 अरब डॉलर तक पहुंच गया. पिछले वित्त वर्ष 2025 में यह आंकड़ा 825.26 अरब डॉलर था. यानी कुल मिलाकर निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. यह बढ़त इस बात का संकेत है कि वैश्विक दबावों के बावजूद भारत का निर्यात तंत्र मजबूत बना हुआ है.
मर्चेंडाइज निर्यात में स्थिरता
माल यानी मर्चेंडाइज निर्यात का कुल मूल्य वित्त वर्ष 2026 में 441.78 अरब डॉलर रहा. यह वित्त वर्ष 2025 के 437.70 अरब डॉलर की तुलना में 0.93 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है. हालांकि यह वृद्धि सीमित है, लेकिन यह वैश्विक बाजार की चुनौतियों के बीच स्थिरता का संकेत देती है. खासकर ऐसे समय में जब कई देशों के मैन्युफैक्चरिंग निर्यात में गिरावट आई है.
सेवा निर्यात बना गेम चेंजर
भारत के निर्यात की असली ताकत सेवा क्षेत्र साबित हुआ है. वित्त वर्ष 2026 में सेवा निर्यात का अनुमानित मूल्य 418.31 अरब डॉलर रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के 387.55 अरब डॉलर से काफी अधिक है. इस क्षेत्र में 7.94 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है. यह वृद्धि मुख्य रूप से आईटी सेवाओं, डिजिटल प्लेटफॉर्म, बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग और प्रोफेशनल सेवाओं की बढ़ती वैश्विक मांग के कारण संभव हुई है.
मार्च में हल्की गिरावट, लेकिन सालभर का ट्रेंड मजबूत
मार्च 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो माल निर्यात 38.92 अरब डॉलर रहा, जो मार्च 2025 के 42.05 अरब डॉलर से कम है. वहीं सेवा निर्यात भी थोड़ा घटकर 35.20 अरब डॉलर रह गया, जबकि मार्च 2025 में यह 35.63 अरब डॉलर था. हालांकि यह गिरावट अल्पकालिक मानी जा रही है और पूरे वित्त वर्ष के सकारात्मक प्रदर्शन पर इसका कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है.
गैर-पेट्रोलियम निर्यात में मजबूती
गैर-पेट्रोलियम और गैर-रत्न एवं आभूषण निर्यात वित्त वर्ष 2026 में 359.67 अरब डॉलर रहा. यह पिछले वर्ष के 344.50 अरब डॉलर से अधिक है, जो यह दर्शाता है कि भारत का निर्यात अब ज्यादा विविध हो रहा है और पारंपरिक सेक्टरों पर निर्भरता कम हो रही है.
किन सेक्टरों ने दिखाई तेजी
मार्च 2026 में कई सेक्टरों ने निर्यात वृद्धि में अहम योगदान दिया. पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 4.90 अरब डॉलर से बढ़कर 5.18 अरब डॉलर हो गया, जो 5.88% की वृद्धि है. इंजीनियरिंग सामान का निर्यात 10.82 अरब डॉलर से बढ़कर 10.94 अरब डॉलर पहुंचा, जिसमें 1.13% की बढ़त दर्ज हुई. अन्य अनाजों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली, जहां निर्यात 0.03 अरब डॉलर से बढ़कर 0.06 अरब डॉलर हो गया, यानी 108.23% की जबरदस्त बढ़ोतरी. इसके अलावा अभ्रक, कोयला, प्रोसेस्ड मिनरल्स और हस्तशिल्प जैसे सेक्टरों ने भी निर्यात में योगदान दिया.
किन देशों में बढ़ा भारत का निर्यात
मार्च 2026 के दौरान जिन देशों में निर्यात में वृद्धि दर्ज की गई, उनमें सिंगापुर, मलेशिया, चीन, तंजानिया और श्रीलंका प्रमुख रहे. वहीं पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान चीन, स्पेन, हांगकांग, वियतनाम और श्रीलंका भारत के प्रमुख निर्यात वृद्धि वाले बाजार बनकर उभरे.
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