Gayatri Mantra Niyam : ‘ऊं भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि। धियो यो न: प्रचोदयात्।।’
हिंदू धर्म में गायत्री मंत्र को बहुत ही शक्तिशाली और प्रभावशाली मंत्र माना गया है. कहा जाता है कि यह मंत्र व्यक्ति को ब्रह्मांडीय ऊर्जा से जोड़ता है. मान्यता है कि गायत्री मंत्र का उच्चारण करने से व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है. वहीं, इस मंत्र का पाठ करने पर लाभ प्राप्त होता है साथ ही दरिद्रता भी दूर होती है. हालांकि इस मंत्र के पाठ करते समय कुछ नियमों का पालन करना बेहद जरूरी होता है. ऐसे में आइए जानते हैं क्या हाै गायत्री मंत्र का अर्थ और मंत्र जप के नियम.
जानिए गायत्री मंत्र का अर्थ और नियम
इस मंत्र का अर्थ है सृष्टिकर्ता प्रकाशमान परमात्मा के तेज का हम ध्यान करते हैं, परमात्मा का तेज हमारी बुद्धि को सदमार्ग की ओर चलने के लिए प्रेरित करें. गायत्री मंत्र अमूमन हम किसी भी समय करने लगते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं गायत्री मंत्र करना का भी सही समय है. गायत्रा मंत्र का जप सूर्योदय से पहले या फिर सूर्यास्त के बाद ही करना उत्तम माना गया है.
- यदि आप सूर्यास्त से पहले मंत्र जप करना चाहते हैं तो कुछ बातों का विशेष ख्याल रखें. सूर्यास्त से पहले गायत्री मंत्र जप मौन रहकर ही करें.
- गायत्री मंत्र का जप करने के लिए रुद्राक्ष की माला का ही प्रयोग करें और मंत्र जप की संख्या कम से कम 108 होना चाहिए.
- मंत्र जप के लिए एक शांत स्थान पर जाकर बैठें और गायत्री माता का ध्यान करने के बाद ही जप का आरंभ करें.
- जो भी व्यक्ति गायत्री मंत्र का जप करता है उसके जीवन में उत्साह और सकारात्मकता बनी रहती है.
- गायत्री मंत्र का जप करते समय अपने मन को सकारात्मक रखें क्योंकि, ऐसा कहा जाता है कि जिस संकल्प के साथ आप गायत्री मंत्र को सिद्ध करते हैं वैसा ही फल मिलता है.
क्या ऐसे ही कर सकते हैं गायत्री मंत्र
- गायत्री मंत्र का जप आमतौर पर ऐसे ही नहीं किया जा सकता है. इसके लिए गुरु से दीक्षा लें. गुरु द्वारा बताए गए समय और तरीके से ही इसका जप करें. उनके बताए गए समय और तरीके से ही इसे किया जाता है.
- गायत्री मंत्र का जप के लिए आपका स्वच्छ होना बेहद जरूरी है.
- माना जाता है कि गायत्री मंत्र बच्चों के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होता है. इससे शिक्षा में आ रही बाधाएं दूर होती हैं. इस मंत्र का नियमित और सही तरीके से जप करने से व्यक्ति सफलता की सीढ़ी चढ़ सकता है. यह मंत्र जप व्यक्ति को बेहतर निर्णय लेने की शक्ति प्रदान करता है.

