Crude Oil Price: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड 107.82 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है. भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का करीब 88.6 प्रतिशत आयात करता है, ऐसे में लंबे समय तक ऊंची कीमतें महंगाई और चालू खाता घाटे पर दबाव बढ़ा सकती हैं.
RBI के हालिया कदमों से भारत की बाहरी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलने की उम्मीद है. Bank of Baroda की रिपोर्ट के अनुसार FY27 में भारत का Balance of Payment surplus 65-75 अरब डॉलर रह सकता है, जबकि विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड 729.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया है.
भारत की अर्थव्यवस्था को विदेशी निवेशकों की वापसी, मानसून में सुधार और घरेलू विकास से मजबूती मिली है. हालांकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई बाजार के लिए चुनौती बने हुए हैं.
भारत को वैश्विक व्यापार और लॉजिस्टिक्स का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए आधुनिक बंदरगाह, बेहतर सड़क-रेल नेटवर्क, IMEC कॉरिडोर और डीप-टेक स्टार्टअप्स पर जोर दिया जा रहा है. पिछले छह महीनों में निर्यात में करीब 20% वृद्धि की बात कही गई है.
अमेरिकी सीनेट से रूस प्रतिबंध बिल पास होने के बाद भारत के इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट सेक्टर की चिंता बढ़ गई है. बिल में रूस की ऊर्जा के बड़े आयातकों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है.
Jefferies ने भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति, विदेशी निवेशकों की वापसी और बैंक लोन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी को देखते हुए देश पर अपना भरोसा दोहराया है. रिपोर्ट के मुताबिक भारत उभरते बाजारों में सबसे मजबूत अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है.
Crude Oil Crash: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर से नीचे पहुंच गया है, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल और महंगाई पर राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.
भारत के कोयला उत्पादन में जुलाई 2026 के दौरान 7.51% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. Coal India Limited ने भी उत्पादन और डिस्पैच में मजबूत प्रदर्शन किया, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद है.
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) जल्द ही 10 और 20 रुपये के पॉलिमर नोटों का ट्रायल शुरू करने जा रहा है. सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि फिलहाल कागजी नोटों को बंद करने की कोई योजना नहीं है.
जून 2026 में भारत की औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रही. विनिर्माण क्षेत्र, इलेक्ट्रिकल उपकरण और ऑटोमोबाइल उद्योग ने शानदार प्रदर्शन किया, जबकि निर्यात और घरेलू मांग ने औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती दी.