भारत की कंपनियों की आय वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में सालाना आधार पर 8 से 8.5 प्रतिशत तक बढ़ने की उम्मीद जताई गई है. शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में यह अनुमान सामने आया है, जो यह...
अमेरिका-ईरान वार्ता, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों के Q4 नतीजे अगले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे. निवेशकों की नजर इन बड़े फैक्टर्स पर रहेगी.
भारत का बैंकिंग सेक्टर मजबूत स्थिति में बना हुआ है. सर्वे में 11–13% क्रेडिट ग्रोथ का अनुमान जताया गया है, जबकि MSME और रिटेल सेक्टर ग्रोथ के प्रमुख स्तंभ बने रहेंगे.
मार्च 2026 में भारत की बाहरी आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रही. व्यापार घाटा घटा, निर्यात बढ़ा और आयात में कमी आई. सर्विस सेक्टर ने अर्थव्यवस्था को बड़ा सहारा दिया.
वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत के निर्यात में 4.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और कुल आंकड़ा 860 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है. सेवा क्षेत्र ने सबसे ज्यादा योगदान दिया है, जबकि कई देशों में भारतीय उत्पादों की मांग बढ़ी है.
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई है और यह 697 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है. गोल्ड रिजर्व और फॉरेन करेंसी एसेट्स में सुधार से यह उछाल आया है, जिससे देश की आर्थिक स्थिति मजबूत दिख रही है.
डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार चौथे दिन मजबूत हुआ है और 92.61 प्रति डॉलर पर पहुंच गया है. अमेरिका-ईरान सीजफायर के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई, जिससे बाजार को राहत मिली. जानें सोना-चांदी के दाम, RBI की नीति और आगे क्या रहेगा असर.
Volkswagen Taigun: स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने मंगलवार को पुणे स्थित अपने विनिर्माण संयंत्र में अपडेटेड फॉक्सवैगन टाइगुन का उत्पादन शुरू करने का ऐलान किया है. इस कदम से कंपनी की ‘मेक इन इंडिया, फॉर इंडिया एंड...
भारत में खरीदारी का पैटर्न तेजी से बदल रहा है और अब उपभोक्ता कीमत से ज्यादा सुविधा और तेज डिलीवरी को महत्व देने लगे हैं. मंगलवार को जारी Grant Thornton Bharat LLP की रिपोर्ट के अनुसार, 70 प्रतिशत से...