Mother Dairy Milk Price: महंगाई और बढ़ती लागत के बीच दूध की कीमतों को लेकर उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली थी, जिसके बाद आम लोगों के बीच यह चिंता बढ़ गई थी कि आने वाले समय में दूध और महंगा हो सकता है. हालांकि, देश की प्रमुख दूध आपूर्ति करने वाली कंपनी मदर डेयरी ने फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत देते हुए साफ कर दिया है कि अभी दूध की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है.
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ रहे असर के बीच दूध की कीमतों को लेकर बाजार में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं. इसी बीच मदर डेयरी के बयान ने लाखों उपभोक्ताओं को राहत पहुंचाई है.
हाल ही में बढ़ाए गए थे दूध के दाम
गौरतलब है कि मदर डेयरी ने 14 मई को दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. कंपनी ने उस समय बढ़ती खरीद लागत और परिचालन खर्चों को इसकी वजह बताया था. लगभग एक साल बाद की गई इस बढ़ोतरी का असर कई उपभोक्ताओं पर पड़ा था. हालांकि, अब कंपनी का कहना है कि फिलहाल दूध की सप्लाई और खरीद की स्थिति सामान्य बनी हुई है, इसलिए कीमतों में तत्काल किसी नई बढ़ोतरी की जरूरत नहीं है.
कंपनी ने क्या कहा?
मदर डेयरी के चेयरमैन मीनेश शाह ने कहा, “अभी दूध की सप्लाई स्थिति ठीक है और किसानों से दूध की खरीद भी सामान्य चल रही है, इसलिए अभी कीमत बढ़ाने की कोई योजना नहीं है.” हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में लागत बढ़ती है और खर्चों का संतुलन बनाना मुश्किल हो जाता है तो कंपनी कीमतों की समीक्षा कर सकती है.
दूध उत्पादन को लेकर सकारात्मक संकेत
मीनेश शाह के मुताबिक देश में दूध उत्पादन की स्थिति फिलहाल संतोषजनक बनी हुई है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा सामान्य से कम मॉनसून का पूर्वानुमान जारी किए जाने के बावजूद चारे की उपलब्धता को लेकर किसी बड़े संकट की आशंका नहीं है. उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में स्थानीय स्तर पर चुनौतियां आ सकती हैं, लेकिन अन्य क्षेत्रों से आपूर्ति बढ़ाकर स्थिति को संतुलित किया जा सकता है.
इस साल बढ़ सकता है दूध उत्पादन
कंपनी का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में देश का कुल दूध उत्पादन बढ़कर 4 से 6% तक की वृद्धि दर्ज कर सकता है. पिछले वर्ष देश का दूध उत्पादन लगभग 250 मिलियन टन रहा था. मीनेश शाह ने कहा कि आने वाले 10 से 15 वर्षों तक डेयरी उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने में किसी बड़ी समस्या की आशंका नहीं है. उन्होंने संकेत दिया कि देश का डेयरी सेक्टर लगातार विस्तार कर रहा है और उत्पादन क्षमता भी बढ़ रही है.
किसानों को मिलता है बड़ा हिस्सा
मदर डेयरी के अनुसार पिछले एक वर्ष में दूध खरीद की लागत करीब 6 प्रतिशत बढ़ी है. इसके बावजूद कंपनी दूध बिक्री से होने वाली कुल आय का लगभग 75 से 80% हिस्सा किसानों को देती है. कंपनी का कहना है कि किसानों की आय सुनिश्चित करने और उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर दूध उपलब्ध कराने के बीच संतुलन बनाए रखने की कोशिश लगातार की जाती है.
कारोबार में दर्ज की मजबूत वृद्धि
मदर डेयरी ने वित्त वर्ष 2025-26 में मजबूत कारोबारी प्रदर्शन दर्ज किया है. कंपनी का टर्नओवर 17 प्रतिशत की वृद्धि के साथ बढ़कर 20,300 करोड़ रुपये पहुंच गया. कंपनी के अनुसार यह वृद्धि मुख्य रूप से दूध और उससे जुड़े उत्पादों के साथ-साथ कुकिंग ऑयल की मजबूत मांग के कारण हासिल हुई है.
वर्तमान में मदर डेयरी देशभर में 9 दूध प्रसंस्करण संयंत्र और 4 बागवानी उत्पाद प्रसंस्करण संयंत्र संचालित करती है. वहीं खाद्य तेल कारोबार के लिए कंपनी 16 सहयोगी प्लांटों के जरिए काम कर रही है.
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