Apple Q3 Results: दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी एप्पल ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर रिकॉर्ड राजस्व दर्ज किया है. कंपनी के मजबूत वित्तीय नतीजों के बाद इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि बढ़ती कंपोनेंट लागत और वैश्विक चुनौतियों के बावजूद एप्पल आने वाले समय में भी स्मार्टफोन उद्योग के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करने की स्थिति में है. मजबूत इकोसिस्टम, प्राइसिंग पावर और वफादार ग्राहक आधार को कंपनी की सबसे बड़ी ताकत माना जा रहा है.
रिकॉर्ड राजस्व और मजबूत ग्रॉस मार्जिन ने बढ़ाया भरोसा
साइबरमीडिया रिसर्च (CMR) में इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप के प्रमुख प्रभु राम ने कहा कि जून तिमाही में एप्पल का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा. आईफोन और मैक से रिकॉर्ड राजस्व मिला, जबकि मेमोरी लागत लगातार बढ़ने के बावजूद कंपनी का ग्रॉस मार्जिन मजबूत बना रहा, जिससे वित्तीय नतीजों को बड़ा सहारा मिला. प्रभु राम ने कहा, “एप्पल का मजबूत इकोसिस्टम, प्राइसिंग पावर और लॉयल ग्राहक आधार उसे एंड्रॉयड ओईएम कंपनियों पर प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देता है.
वहीं, अधिकांश एंड्रॉयड निर्माता बढ़ती कंपोनेंट लागत के बीच मार्जिन बचाने और बिक्री की मात्रा बनाए रखने की दोहरी चुनौती का सामना कर रहे हैं.” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इन्वेंट्री मैनेजमेंट और सप्लाई चेन दक्षता के जरिए बढ़ती मेमोरी लागत को संभालने की एप्पल की क्षमता अब सीमित होती जा रही है. साथ ही सर्विसेज और ग्रेटर चाइना से होने वाली आय पर भी नजर बनाए रखने की जरूरत होगी.
भारत में भी एप्पल ने बनाया नया रिकॉर्ड
काउंटरपॉइंट रिसर्च के रिसर्च डायरेक्टर तरुण पाठक के अनुसार, भारत में भी एप्पल ने एक और रिकॉर्ड राजस्व वाली तिमाही दर्ज की है. इस दौरान मैक कंपनी का सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला उत्पाद रहा, जिसे मैकबुक नियो की मजबूत मांग का फायदा मिला. वहीं सप्लाई से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद आईफोन 17 सीरीज की मांग भी मजबूत बनी रही.
तरुण पाठक ने कहा, “मजबूत ग्राहक आधार और सिरी एआई को मिली शुरुआती सकारात्मक प्रतिक्रिया के चलते एप्पल अपने प्रमुख हार्डवेयर उत्पादों की सभी श्रेणियों में उद्योग से बेहतर प्रदर्शन करने की स्थिति में है.” उन्होंने अनुमान जताया कि कैलेंडर वर्ष 2026 में भारत में एप्पल की बिक्री मात्रा में एकल अंक की वृद्धि होगी, जबकि मूल्य के लिहाज से दोहरे अंक की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी. साथ ही उन्होंने कहा कि मेमोरी कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के चलते भविष्य में आईफोन की कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना भी काफी अधिक है.
जून तिमाही में 109.4 अरब डॉलर का राजस्व
एप्पल ने जून तिमाही में 109.4 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 16 प्रतिशत अधिक है. वहीं प्रति शेयर डाइल्यूटेड आय 29 प्रतिशत बढ़कर 2.02 डॉलर पर पहुंच गई.
टिम कुक ने क्या कहा?
एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) टिम कुक ने कहा, “सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों और विदेशी मुद्रा विनिमय दरों के प्रतिकूल प्रभाव के बावजूद कंपनी ने भारत समेत सभी भौगोलिक क्षेत्रों में जून तिमाही के लिए रिकॉर्ड राजस्व हासिल किया.” इससे पहले अप्रैल में एप्पल ने घोषणा की थी कि हार्डवेयर इंजीनियरिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जॉन टर्नस 1 सितंबर से टिम कुक की जगह कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) का पद संभालेंगे. वहीं टिम कुक नई एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे, जहां वे वैश्विक नीति-निर्माताओं के साथ संवाद करने के साथ-साथ कंपनी के चुनिंदा रणनीतिक मामलों में सहयोग देंगे.
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