Odisha Semiconductor Plant: ओडिशा में बनने जा रहा सेमीकंडक्टर प्लांट देश के टेक्नोलॉजी सेक्टर के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है. खास बात यह है कि इस प्लांट के शुरू होने से पहले ही इसके प्रोडक्शन की एडवांस बुकिंग हो चुकी है. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान बताया कि इस प्लांट को बनने में करीब 2.5 साल का समय लगेगा.
अक्षय तृतीया पर रखी गई आधारशिला
शिलान्यास के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा, “अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर ओडिशा में इस सेमीकंडक्टर प्लांट की आधारशिला रखी गई है और यह एक काफी एडवांस सेमीकंडक्टर प्लांट होगा.”
नई टेक्नोलॉजी से होगा निर्माण
उन्होंने आगे बताया, “आमतौर पर सेमीकंडक्टर बनाने के लिए सिलिकॉन सबस्ट्रेट का उपयोग होता है, लेकिन अब इसकी जगह 3डी ग्लास सबस्ट्रेट जैसी टेक्नोलॉजी का उपयोग हो रहा है, जिसका इस्तेमाल इस प्लांट में किया जाएगा.” यह तकनीक भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित की गई है और इसे ज्यादा उन्नत माना जा रहा है.
प्रोडक्शन पहले ही हो चुका बुक
मंत्री ने स्पष्ट किया, “इस प्लांट में आने वाले समय में जितना भी प्रोडक्शन होगा, उसकी एडवांस बुकिंग हो चुकी है.” इससे साफ है कि इस प्रोजेक्ट को बाजार में पहले से ही मजबूत मांग मिल रही है.
ओडिशा बनेगा नया टेक हब
उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट ओडिशा के औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा और राज्य को आईटी व इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का प्रमुख केंद्र बना सकता है. साथ ही यह राज्य को पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़ाकर आधुनिक तकनीकी उद्योगों की ओर ले जाएगा.
सीएम मोहन माझी का बयान
इस मौके पर ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा, “आज ओडिशा के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ गया है. प्रतिष्ठित सेमीकंडक्टर कंपनी 3डी ग्लास सॉल्यूशंस की ग्लास सबस्ट्रेट पैकेजिंग यूनिट का निर्माण शुरू हो गया है.” उन्होंने आगे कहा, “हमारे देश में पहली बार ग्लास सबस्ट्रेट पैकेजिंग हो रही है. इसके लिए कंपनी पहले चरण में करीब 2 हजार करोड़ रुपए निवेश कर रही है. इससे सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी.”
प्रोडक्शन और रोजगार पर असर
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह प्लांट बड़े स्तर पर उत्पादन करने में सक्षम होगा और इसके तहत करीब 70,000 ग्लास पैनल, 50 मिलियन असेंबल्ड यूनिट और 13,200 3डी HI मॉड्यूल का निर्माण किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस परियोजना से राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और 2,500 से ज्यादा लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
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