Oberoi Realty FY26 Results: रियल एस्टेट सेक्टर में एक दिलचस्प ट्रेंड सामने आया है, जहां कुल बिक्री में गिरावट के बावजूद प्रीमियम हाउसिंग की मजबूत मांग ने कंपनियों के प्रदर्शन को संभाले रखा है. इसी कड़ी में ओबेरॉय रियल्टी के ताजा आंकड़े यह दिखाते हैं कि बाजार में बदलाव का रुख साफ तौर पर हाई-वैल्यू प्रॉपर्टीज की ओर झुक रहा है.
सालाना बिक्री में गिरावट
कंपनी की स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में बेची गई इकाइयों की संख्या में 24.86% की गिरावट दर्ज की गई. कुल बुक की गई यूनिट्स घटकर 698 रह गईं, जबकि वित्त वर्ष 2025 में यह संख्या 929 थी. इसके साथ ही, कुल बुक किया गया कारपेट एरिया भी 10.61% घटकर 11,47,557 वर्ग फुट रह गया. यह संकेत देता है कि वॉल्यूम के लिहाज से मांग में कुछ नरमी देखने को मिली है.
कीमतों में बढ़त, प्रीमियम डिमांड बरकरार
हालांकि यूनिट्स की संख्या में गिरावट आई, लेकिन कंपनी के बुकिंग वैल्यू में 3.14 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. वित्त वर्ष 2026 में कुल बुकिंग वैल्यू 5,447 करोड़ रुपए रही. यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि कम यूनिट्स बिकने के बावजूद उच्च कीमत वाली संपत्तियों की मांग मजबूत बनी हुई है. यानी खरीदार अब क्वांटिटी से ज्यादा क्वालिटी और प्रीमियम लोकेशन को प्राथमिकता दे रहे हैं.
चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन
FY26 की चौथी तिमाही में कंपनी ने जबरदस्त वापसी की. इस दौरान कुल बुकिंग वैल्यू लगभग दोगुनी होकर 1,673 करोड़ रुपए पहुंच गई, जो पिछले साल की समान तिमाही के 853 करोड़ रुपए से 96.13% अधिक है. यूनिट्स की संख्या में भी तेज उछाल देखा गया. चौथी तिमाही में 229 यूनिट्स बुक हुईं, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या केवल 78 थी.
एरिया और ग्रोथ में भी बड़ा उछाल
तिमाही के दौरान बुक किया गया कारपेट एरिया 160.37% बढ़कर 3,57,552 वर्ग फुट हो गया. वहीं, तिमाही-दर-तिमाही आधार पर भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा. बुकिंग वैल्यू में 100.11% की वृद्धि और यूनिट्स की संख्या में 76.15% की बढ़त दर्ज की गई. इसके अलावा, पिछली तिमाही की तुलना में बुक किए गए कारपेट एरिया में भी 92.17% का उछाल देखा गया.
कंपनी की रणनीति और फोकस
ओबेरॉय रियल्टी, जो विकास ओबेरॉय के नेतृत्व में काम कर रही है, पिछले चार दशकों से रियल एस्टेट सेक्टर में सक्रिय है. कंपनी मुख्य रूप से प्रीमियम आवासीय, वाणिज्यिक, खुदरा और आतिथ्य परियोजनाओं पर फोकस करती है. कंपनी की रणनीति स्पष्ट रूप से हाई-एंड सेगमेंट पर केंद्रित है, जहां मार्जिन अधिक होता है और मांग अपेक्षाकृत स्थिर रहती है.
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