Strait of Hormuz : तेल और गैस के संकट पर इजरायली राजदूत रेउवेन अजार ने कहा कि ये समस्या छोटी है, उन्होंने कहा कि हमने दुनिया को बड़े संकट से बचाया है. इसके साथ ही आने वाले समय में ईरान पश्चिम एशिया को बर्बाद कर देता. बता दें कि आज जो भी समस्या आ रही है, वो उस संकट से छोटी है जिससे हम बचाने की कोशिश कर रहे हैं.
जानकारी के मुताबिक, दोनों देशों के हमलों की वजह से ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने का ऐलान किया था. फिलहाल ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के हाल के बयान ने स्पष्ट कर दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह बंद नहीं है, सिर्फ ‘दुश्मनों और उनके सहयोगियों’ के जहाजों और टैंकरों के लिए बंद किया गया है. बता दें कि यह समुद्री रास्ता भारत की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है.
ईरानी मिसाइल क्षमता को तबाह करने के लिए ऑपरेशन
इसके साथ ही इजरायली राजदूत रेउवेन अजार का कहना है कि अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान की मिसाइल क्षमता को तबाह करने के लिए यह ऑपरेशन शुरू किया. बताया जा रहा है कि अमेरिका ने पहले कूटनीति की कोशिश की लेकिन ईरान नहीं माना. इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि ईरानी शासन अब तक चार मिडिल ईस्ट देशों की राजधानियों को कंट्रोल कर चुका था. सोचिए अगर इस शासन को रोका न जाता तो पूरे अरब इलाके का क्या होता.
हमले में क्लस्टर बम वाली मिसाइलों का किया इस्तेमाल
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, इजरायली नुकसान और हमले पर रेउवेन अजार ने कहा कि इजरायल में इस बार जून 2025 के मुकाबले कम नुकसान हुआ है. फिर भी ईरान ज्यादा मिसाइलें दाग रहा है. इतना ही नही बल्कि ईरान ने क्लस्टर बम वाली मिसाइलों का भी इस्तेमाल किया. साथ ही ये भी बताया कि सायरन ज्यादा बज रहे हैं क्योंकि इन मिसाइलों को रोकने के लिए ज्यादा काउंटर-मिसाइल चलानी पड़ती हैं. अब तक 13 इजरायली नागरिकों की जान गई है और कुछ घायल हैं.
रोज 10 मिसाइलें दाग रहा ईरान
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अभी ईरान रोज करीब 10 मिसाइलें दाग रहा है. ऐसे में उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि जल्द ही यह संख्या और कम होगी. इसके साथ ही रेउवेन ने ये भी कहा कि न तो इजरायल और न ही अमेरिका कोई भी ईरान पर जमीनी हमला नहीं करना चाहता, इसे लेकर उनका कहना है कि हम ऐसे हालात बना रहे हैं कि ईरान को अपना रवैया बदलना पड़े. इसके साथ ही हमने ईरान की टॉप लीडरशिप को निशाना बनाया, लेकिन वे छिप गए हैं.
ईरान इजरायल को नही मानता देश
इस मामले को लेकर रेउवेन अजार का कहना है कि ‘इजरायल हमेशा से बातचीत करना चाहता था, लेकिन ईरान हमें देश ही नहीं मानता, तो बात कैसे हो? उन्होंने कहा कि 30 साल तक कोशिश की. मिस्र, जॉर्डन और अब्राहम अकॉर्ड वाले देशों से हमने रिश्ते बनाए, लेकिन ईरान से बातचीत के सारे रास्ते बंद हो गए तभी सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी और यह कार्रवाई जरूरी हो गई. हम कोई अंतहीन जंग नहीं चाहते.
‘ईरान अभी शर्तें लगाने की हालत में नहीं’
इसके साथ ही ईरानी राष्ट्रपति के बयान पर उन्होंने कहा कि ईरान अभी शर्तें लगाने की हालत में नहीं है. क्योंकि ईरानी राष्ट्रपति की बातें जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं. उनका कहना है कि पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करेंगे. लेकिन हमले हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि 2027 तक ईरान ने खुद हमला करने का प्लान तैयार कर रखा था. हम इस हालात में जो सही है, वो कर रहे हैं.
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