बांग्लादेश समेत 14 देशों पर ट्रंप ने फोड़ा टैरिफ बम, भारत के लिए गुड न्यूज, लिया ये बड़ा फैसला

Must Read

Trump Tariffs : भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर अभी तक सस्पेंस बरकरार है. बता दें कि इस मामले का लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नरम रुख अपनाया है. इस दौरान ट्रंप ने भारत पर जवाबी टैरिफ लगाने के फैसले को 1 अगस्त तक टाल दिया है. ऐसे में ट्रंप के इस फैसले से भारतीय निर्यातकों को राहत मिलेगी. इसके साथ ही भारत और अमेरिका को ट्रेड डील समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा.

90 दि‍नों के लिए स्‍थगित किया टैरिफ

जानकारी के मुताबिक, विभिन्न देशों को ट्रंप प्रशासन ने ‘पत्र’ भेजे जिसमें उन देशों के उत्पादों पर अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले शुल्कों का ब्योरा है. बता दें कि अभी तक इन देशों में भारत को नहीं शामिल किया गया है. बता दें कि बीते कुछ समय में अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 26% का एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का ऐलान किया था, लेकिन इसे 90 दिनों के लिए स्थगित कर दिया था और अब इसे 1 अगस्त तक बढ़ा दिया गया है.

भारत का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर अमेरिका

प्राप्त जानकारी के अनुसार वित्त वर्ष 2021-22 से अमेरिका भारत का सबसे बड़ा  ट्रेड पार्टनर रहा है. इस दौरान वस्तुओं का बाइलेट्रल ट्रेड 2024-25 में 131.84 अरब अमेरिकी डॉलर रहा था. जिसमें इसमें 86.51 अरब डॉलर का निर्यात, 45.33 अरब डॉलर का आयात और 41.18 अरब डॉलर का व्यापार अधिशेष शामिल है.

अमेरिका ने इन देशों को दिया झटका  

ऐसे में अमेरिका ने इन देशों को जैसे- बांग्लादेश, बोस्निया एंड हर्जेगोविना, कंबोडिया, इंडोनेशिया, जापान, कजाकिस्तान, लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक, मलेशिया, सर्बिया, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और ट्यूनीशिया को ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित पत्र भेजे गए हैं. जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति ने कई अन्य देशों पर बढ़ाए गए शुल्क को टालने की अवधि एक अगस्त तक बढ़ा दी है. निर्यातकों ने ट्रंप के फैसले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जवाबी शुल्क लगाने को 9 जुलाई से एक अगस्त तक स्थगित करना अमेरिका की अपने व्यापारिक साझेदारों के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ने की इच्छा को दर्शाता है.

भारत को मिली राहत

इस मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञ विश्वजीत धर का मानना है कि कहना है कि यह भारत के लिए राहत की बात है और यह प्रतिक्रिया भारत द्वारा कुछ मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाने के कारण आई है. ऐसे में उनका कहना है कि भारतीय निर्यातकों को निर्यात बढ़ाने के लिए नए बाजार तलाशने चाहिए. इसके साथ ही भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं. जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि भारत ने अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष अंतरिम व्यापार समझौते पर अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर दिया है और अब फैसला अमेरिका को करना है.

 इसे भी पढ़ें :- 21 हजार लगाओ, लाखों कमाओ, क्या पीएम मोदी कर रहे निवेश योजना का प्रचार, सरकार का आया जवाब

Latest News

मालदीव की स्वतंत्रता की 61वीं वर्षगांठ: चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने मोहम्मद मुइजु को भेजा बधाई संदेश

61st Independence Anniversary of the Maldives: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 26 जुलाई को मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद...

More Articles Like This