दिल्ली आश्रम कांड: आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती पांच दिन पुलिस हिरासत में, अब पूरा सच आएगा सामने

Ved Prakash Sharma
Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Ved Prakash Sharma
Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Delhi Ashram incident: शनिवार रात की देर रात दिल्ली के वसंतकुंज स्थित आश्रम में 17 छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपित स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी को पुलिस ने आगरा के ताजगंज इलाके के एक होटल से गिरफ्तार किया. रविवार को आरोपी को पटियाला हाउस कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. पुलिस ने अदालत से आरोपी की पांच दिन की हिरासत की मांग की, जिसे जज ने मंजूरी दे दी. बाबा के हिरासत के बाद ऐसा माना जा रहा है कि पुलिस की पूछताछ में आरोपी कई बड़े खुलासे कर सकता है.

अरबो की संपत्ति पर करना चाहता था कब्जा

छात्राओं से छड़छाड़ के आरोपी स्वामी को दिल्ली पुलिस ने आगरा से बीती रात करीब 3.30 बजे पकड़ा. इस बीच चैतन्यानंद उर्फ पार्थसारथी को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं. बताते हैं कि पाखंडी मठ की तीन खरब से अधिक की संपत्ति पर कब्जा करना चाहता था. इसके लिए उसने पीठ के विश्वास को तोड़ा, ताकि वह इस संपत्ति पर कब्जा कर सके.

पहले से दर्ज हैं मामले

पीठ ने आरोपी स्वामी चैतन्यानंद के खिलाफ वसंतकुंज (नार्थ) थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी व फर्जी कागजात बनवाने आदि की प्राथमिकी दर्ज करवाई है. प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि आश्रम में कुछ इमारतें कई कंपनियों को बाबा ने किराए पर दे रखी थीं.

इमारतों से 60 लाख रुपये महीना आता था किराया

पहले से दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि इन इमारतों से प्रति महीना करीब 60 लाख रुपये किराए आता था. आरोपी इस किराए को पीठ को नहीं दे रहा था. पीठ के वसंतकुंज स्थित आश्रम के प्रशासक पीए मुरली की ओर से थाने में ये शिकायत दर्ज कराई गई है. दक्षिण-पश्चिमी जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने इस मामले की जांच जिला जांच यूनिट (डीआईयू) को सौंपी है.

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जांच में चैतन्यानंद के नाम और उससे जुड़े ट्रस्ट के नाम पर 18 बैंक खाते, 28 फिक्स्ड डिपॉजिट की पहचान की गई है. इन खातों से कुल मिलाकर करीब 18 करोड़ रुपये मिले हैं. पुलिस ने इन बैंक खातों को सीज कर दिया है. इनमें ज्यादातर रकम श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट रिसर्च फाउंडेशन ट्रस्ट के जरिए जमा की गई थी. आगे की जांच जारी है.

Latest News

भारत में मोबाइल नेटवर्क ट्रैफिक 2025 से 2030 के बीच सालाना 17% बढ़ने का अनुमान: Report

Telecom Market India: भारत में मोबाइल नेटवर्क ट्रैफिक तेजी से बढ़ने की उम्मीद है. केपीएमजी इंडिया की एक रिपोर्ट...

More Articles Like This