Money Laundering Case: दिल्ली कोर्ट आज रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ करेगा सुनवाई

Divya Rai
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Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Money Laundering Case: दिल्ली की एक अदालत शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दलीलें सुनेगी. एजेंसी ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद और बिजनेसमैन रॉबर्ट वाड्रा को यूके के डिफेंस डीलर संजय भंडारी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी बनाया है.

राउज एवेन्यू कोर्ट में दायर हुई थी शिकायत

पिछले महीने, ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में एक शिकायत दायर की थी. अधिकारियों के अनुसार, इस साल जुलाई में पीएमएलए के तहत वाड्रा का बयान दर्ज किया गया था. फेडरल एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग एजेंसी ने रॉबर्ट वाड्रा का संबंध भंडारी से जुड़े विदेशी फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन और प्रॉपर्टीज से बताया, जिस पर पहले से ही विदेश में बिना बताए संपत्ति रखने का आरोप है.

2016 में भारत छोड़कर चला गया भंडारी Money Laundering Case

भंडारी 2016 में भारत छोड़कर चला गया था. उसे तब से दिल्ली की एक कोर्ट ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है. ईडी की जांच 2016 में भंडारी पर हुई इनकम-टैक्स रेड की एक श्रृंखला से शुरू हुई, जिसमें कथित तौर पर ऐसे ईमेल और डॉक्यूमेंट मिले थे जो वाड्रा और उसके साथियों के साथ उसके संबंधों की ओर इशारा करते थे. ईडी ने पहले भारत में कई प्रॉपर्टीज अटैच की हैं, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे वाड्रा या उनसे जुड़ी कंपनियों से जुड़ी हैं. साथ ही दावा किया है कि ये भंडारी के विदेशी लेन-देन से कमाए गए अपराध की कमाई हैं.

फंड्स का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया था

इस बीच, एक संबंधित मामले में, ईडी ने एक स्पेशल कोर्ट को बताया है कि वाड्रा को गुरुग्राम में एक विवादित जमीन डील से अपराध की कमाई के तौर पर 58 करोड़ रुपए मिले थे. इसमें से 53 करोड़ रुपए स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी के जरिए और बाकी 5 करोड़ रुपए ब्लू ब्रीज ट्रेडिंग के जरिए भेजे गए थे. ईडी ने कहा कि इन फंड्स का इस्तेमाल कथित तौर पर वाड्रा ने अचल संपत्ति खरीदने, निवेश करने, लोन देने और अपनी ग्रुप कंपनियों की देनदारियों को निपटाने के लिए किया था.

43 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया

जांच के दौरान, केंद्रीय एजेंसी ने 38.69 करोड़ रुपए की 43 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया, जिन्हें अपराध की कमाई के सीधे या मूल्य के बराबर के रूप में पहचाना गया है. एजेंसी द्वारा लिस्टेड प्रॉपर्टीज में राजस्थान के बीकानेर में जमीन; गुरुग्राम में गुड अर्थ सिटी सेंटर में यूनिट्स; मोहाली में बेस्टेक बिजनेस टॉवर में यूनिट्स; और अहमदाबाद में जय अम्बे टाउनशिप में आवासीय यूनिट्स शामिल हैं.

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