ट्रंप ने चीन से जुड़ी चिप डील पर लगाई रोक, अमेरिकी सुरक्षा का दिया हवाला

Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Aarti Kushwaha
Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

US-China chip deal: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को अमेरिकी सेमीकंडक्टर एसेट्स और एक चीनी-लिंक्ड कंपनी से जुड़े एक बड़े सौदे पर रोक लगा दी. ट्रंप द्वारा जारी एक कार्यकारी आदेश में कहा गया कि यह सौदा अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है.

आदेश में ट्रंप ने हाईफो कॉर्पोरेशन को एमकोर कॉर्पोरेशन की कुछ चिप से जुड़े एसेट्स खरीदने से रोक दिया.. साथ ही यह कहा है कि इस सौदे को लेकर ऐसे ठोस सबूत हैं, जिनसे अमेरिका की सुरक्षा को नुकसान पहुंचने की आशंका है.

2024 में पूरा हुआ था सौदा

हाईफो एक डेलावेयर में पंजीकृत कंपनी है, जिसे एक चीनी नागरिक नियंत्रित करता है. इस कंपनी ने न्यू जर्सी की एमकोर कंपनी से डिजिटल चिप, वेफर डिजाइन, फैब्रिकेशन और प्रोसेसिंग बिजनेस से जुड़े एसेट्स हासिल किए थे. यह सौदा 30 अप्रैल 2024 को पूरा हुआ था.

ट्रंप ने कहा कि मौजूदा कानून इस सौदे से पैदा होने वाले जोखिमों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं हैं. इसलिए उन्होंने अपने विशेष अधिकारों का इस्तेमाल किया.

कंपनियो को 180 दिनों का मिला मौका

आदेश के तहत यह सौदा पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है. हाईफो को एमकोर की इन संपत्तियों में सीधे या परोक्ष रूप से किसी भी तरह का अधिकार रखने से मना कर दिया गया है. साथ ही कंपनी और उससे जुड़ी इकाइयों को 180 दिनों के भीतर इन सभी संपत्तियों से अपना हित खत्म करने का निर्देश दिया गया है. जरूरत पड़ने पर यह समय सीमा अमेरिका की विदेशी निवेश समिति बढ़ा सकती है.

जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती और समिति इसकी पुष्टि नहीं कर देती, तब तक हाईफो को एमकोर की संपत्तियों तक किसी भी तरह की पहुंच नहीं होगी. यह प्रतिबंध गैर-सार्वजनिक तकनीकी जानकारी, सूचना प्रौद्योगिकी प्रणालियों, उत्पादों, पुर्जों, घटकों, किताबों और रिकॉर्ड पर भी लागू होता है. किसी भी तरह की पहुंच के लिए समिति की लिखित अनुमति जरूरी होगी.

समिति को मिला ये अधिकार

इस आदेश के जरिए समिति को यह अधिकार भी दिया गया है कि वह नियमों के पालन की जांच करे, प्रमाणपत्र मांगे और ऑडिट कराए. हाईफो को समय-समय पर लिखित रूप में यह बताना होगा कि वह आदेश का पालन कर रही है और विनिवेश की दिशा में प्रगति का विवरण दे रही है.

सेमीकंडक्टर यानी चिप को आम नागरिकों के इस्तेमाल के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र के लिए भी बेहद अहम माना जाता है. चीन के साथ बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच अमेरिका लगातार ऐसे कदम उठा रहा है, जिससे संवेदनशील चिप तकनीक पर विदेशी नियंत्रण को रोका जा सके.

इसे भी पढें:-माघ मेले का शुभारंभ, त्रिवेणी संगम पर सुबह से ही आस्था की डुबकी लगा रहे श्रद्धालु

Latest News

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक और भारतीय युवक की मौत, ट्रैवल एजेंटों के झांसे में फंस कर चल गया था विदेश

New Delhi: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत के एक और युवक की मौत हो गई है. युवक की पहचान...

More Articles Like This