Bejing: चीन में भ्रष्टाचार के सबसे बड़े और चर्चित मामलों में एक शीर्ष सरकारी अधिकारी को मौत की सज़ा सुनाई गई है. चीनी सरकारी मीडिया और अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक देश की प्रमुख सरकारी वित्तीय कंपनी हुआरोंग एसेट मैनेजमेंट के पूर्व चेयरमैन और वरिष्ठ अधिकारी लाई शियाओमिन को भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी और सरकारी धन के गबन का दोषी ठहराया गया. इससे पहले चीन ने बीते साल 9 दिसम्बर 2025 को भ्रष्टाचार के लिए अपने एक टॉप बैंकर को मौत के घाट उतार दिया था.
कई अपार्टमेंट्स से लगभग 13.5 टन नकदी बरामद
जांच एजेंसियों ने बीजिंग में उनके कई अपार्टमेंट्स से लगभग 13.5 टन नकदी (कैश), करोड़ों डॉलर की विदेशी मुद्रा, महंगी संपत्तियां और लक्ज़री गाड़ियां बरामद कीं. यह नकदी अलग-अलग फ्लैटों में छिपाकर रखी गई थी, जिसे चीन के इतिहास में सबसे बड़ी नकद बरामदगी माना गया. चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई है. अदालत के अनुसार लाई शियाओमिन ने 2009 से 2018 के बीच सरकारी ठेके दिलाने, वित्तीय फैसलों में पक्षपात, निजी कंपनियों को अवैध लाभ पहुंचाने के बदले अरबों युआन की रिश्वत ली.
सरकारी धन के गबन, सत्ता के दुरुपयोग व भारी भ्रष्टाचार का दोषी
उनकी अवैध कमाई अत्यंत गंभीर आर्थिक अपराध की श्रेणी में पाई गई. चीन की सर्वोच्च अदालत ने उन्हें सरकारी धन के गबन, सत्ता के दुरुपयोग व भारी भ्रष्टाचार का दोषी ठहराते हुए मौत की सज़ा सुनाई, जिसे बाद में लागू किया गया. अदालत ने कहा कि अपराध की गंभीरता इतनी अधिक थी कि किसी भी तरह की नरमी संभव नहीं. अधिकारियों ने निष्कर्ष निकाला कि सरकारी ठेकों और भूमि सौदों से जुड़ी रिश्वत के माध्यम से अरबों डॉलर जमा किए गए थे, जिससे बड़े स्तर पर सत्ता के दुरुपयोग का पर्दाफाश हुआ.
भ्रष्टाचार के सबसे चरम उदाहरणों में से एक
यह मामला अब तक उजागर हुए भ्रष्टाचार के सबसे चरम उदाहरणों में से एक बन गया है. इस मामले को चीन के एंटी-करप्शन अभियान का प्रतीक माना गया, जिससे दुनिया को यह संदेश गया कि सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोग भी कानून से ऊपर नहीं हैं. इससे पहले चीन ने बीते साल 9 दिसम्बर 2025 को भ्रष्टाचार के लिए अपने एक टॉप बैंकर को मौत के घाट उतार दिया था. यह बैंकर चीन के एक सरकारी एसेट मैनेजमेंट फर्म का पूर्व कार्यकारी (एक्जिक्यूटिव) था. एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार चीन की सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी.
156 मिलियन डॉलर से अधिक घूस लेने का दोषी
रिपोर्ट के अनुसार चीन हुआरोंग इंटरनेशनल होल्डिंग्स (CHIH) के पूर्व जनरल-मैनेजर बाई तियानहुई को 2014 और 2018 के बीच कई प्रोजेक्ट के फाइल पास करने के लिए 156 मिलियन डॉलर से अधिक घूस लेने का दोषी पाया गया था. यह रकम भारतीय करेंसी में लगभग 1402 करोड़ रुपए होती है
इसे भी पढ़ें. Chhattisgarh Encounter: सुकमा में मुठभेड़, 14 नक्सलियों के ढेर होने की खबर, हथियार और गोला-बारूद बरामद

