Paush Purnima: पौष पूर्णिमा पर भूलकर भी ना करें ये काम, वरना नाराज हो जाएंगी मां लक्ष्मी

Divya Rai
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Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Paush Purnima Vrat 2026: हिंदू धर्म में वैसे तो हर माह पड़ने वाली पूर्णिमा तिथि का महत्व है. लेकिन पौष माह के पूर्णिमा का अपना अलग ही महत्व है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान कर, दान-उपदान करने से पुण्य फल मिलता है. इस बार पूर्णिमा आद 03 जनवरी को मनाई जा रही है. ज्योतिष की मानें तो कुछ ऐसे कार्य होते हैं, जिसे यदि आप जाने अनजाने में भी पूर्णिमा तिथि के दिन करते हैं तो आपको परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

Paush Purnima Vrat 2026 आज

वैदिक हिंदू पंचांग के अनुसार पौष माह के पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 02 जनवरी 2026 को शाम के समय 6 बजकर 54 मिनट से हुई. तिथि का समापन अगले दिन यानी आज 03 जनवरी 2024 को शाम के वक्त 5 बजकर 35 मिनट पर होगा. हिंदू धर्म में उदयातिथि सर्वमान्य होती है. इसलिए पौष माह की पूर्णिमा का व्रत आज 03 जनवरी को रखा जा रहा और इसी दिन सुबह स्नान-दान किया जाएगा. पूर्णिमा के दिन ब्रम्ह मुहूर्त में गंगा स्नान का विशेष महत्व है.

पूर्णिमा के दिन भूलकर भी ना करें ये काम

  • पूर्णिमा के दिन भूलकर भी तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए और ना ही इस दिन मदिरा का भी सेवन नहीं करना चाहिए.
  • पूर्णिमा के दिन घर में अंधकार नहीं रखना चाहिए. इससे माता लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं, जिससे इंसान को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है. इसलिए गोधूलि बेला में एक दिया घर के मुख्य द्वार पर अवश्य जलाएं.
  • पूर्णिमा के दिन अगर कोई गरीब या असहाय व्यक्ति आपके घर आते हैं तो खाली हाथ वापस ना भेजे. इससे माता लक्ष्मी रूठ जाएंगी और घर पर नकरात्मक असर पड़ेगा.
  • पूर्णिमा के दिन काले रंग के कपड़े ना पहने. काले कपड़े पहनने से अशुभ प्रभाव पड़ता है और आपका नुकसान हो सकता है.

पौष पूर्णिमा महत्व

हिंदू धर्म पौष माह में पड़ने वाली पूर्णिमा का काफी महत्व होता है. इस दिन गंगा स्नान, सूर्य देव की पूजा करने और दान का विशेष महत्व है. ऐसी मान्यता है कि जो भक्त इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने के जरुरुतमंदों को जरुरत की चीजें दान करते हैं, उन्हें भगवान श्रीहरि विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है. इस दिन किए गए पूजा पाठ और दान-उपदान कई गुणा अधिक फल मिलता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई सामान्य मान्यताओं और ज्योतिष गणनाओं पर आधारित है. The Printlines इसकी पुष्टि नहीं करता है.)

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